बनारस में कई पुलिस वाले रेप डकैती रंगदारी हत्या लूट आदि के मामलों में आरोपी भेलूपुर कैशकांड में पूरा थाना पाया गया था दोषी इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मी हुए थे डिसमिस


वाराणसी (ब्यूरो)नीट सॉल्वर, ईरानी व टप्पेबाजी गैंग का खुलासा, एनटीपीसी के रिटायर्ड अफसर मार्तंड शाही की हत्या का पर्दाफाश, शाइन सिटी धोखाधड़ी प्रकरण, धोखाधड़ी में नीलगिरी इंफ्र ासिटी के निदेशक सहित छह की गिरफ्तारी और बनारस से अपराधियों का सफाया समेत तमाम गुड वर्क के चलते वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस अक्सर सुर्खियों में रही है, लेकिन इसके उलट दाग भी हंै, जिसे छुड़ाना मुश्किल हो गया। खाकी पर रेप, डकैती, रंगदारी, हत्या, लूट, जमीन कब्जा, रिश्वत, अपराधी से सांठगांठ जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि अपराधियों की तरह इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 15 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। करीब 22 पुलिसकर्मियों को निलंबित व लाइनहाजिर किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए कई अब भी फरार है।

इस साल का पहला मामला

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की वर्दी पर दाग लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को लोहता थाने में तैनात एसआई सुनील यादव पर 40 लाख रुपये मांगने, मारपीट का आरोप लगा। मामला सामने आते ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। इस साल खाकी पर दाग का यह पहला मामला है। बीते साल 2023 की बात करें तो वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की साख पर बट्टा लगाने के मामले में होड़ सी लगी थी। इसमें मढ़ौली चौकी इंचार्ज अजय यादव रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ था। इसके अलावा पांच पुलिसकर्मी अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार करके जेल भेजे गए। कोई डकैती तो कोई पशु तस्करी के आरोप में नपा है। पिछले साल सबसे बड़ा मामला भेलूपुर कैश लूट कांड था, जिसमें इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी।

हर थाने-चौकी का बंधा है महीना

रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ ठाकुर की ओर से वाराणसी पुलिस पर लगातार गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। थाना व चौकी वसूली लिस्ट भी वायरल होती है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ठाकुर के अनुसार हर थाने और चौकी में गैरकानूनी धंधे से महीना बंधा है यानी गलत कमाई में पुलिस के हिस्से की रकम। इसके अलावा रोज जमीन-जायदाद समेत कई अन्य विवाद को सुलझाने में थानेदारों और चौकी प्रभारियों की अलग कमाई होती है.

चहेते कारखास हैं तैनात

अवैध ढंग से होने वाले कारोबार, डग्गामार वाहनों, भांग की दुकान में गांजा बिक्री, चोरी के वाहन काटने-बेचने वाले लोगों और जुआ-सïट्टा के अड्डे से पुलिस को मोटा पैसा जाता है। आरपीएफ और जीआरपी समेत सभी थानों की हर महीने लाखों रुपये की बंधी वसूली है। हर थाने में एक सिपाही पर अवैध धन उगाहने का जिम्मा है। इन सिपाहियों को कारखास कहते हैं। कई थानों में तीन-चार साल से थानेदारों के चहेते सिपाही यानी कारखास तैनात हैं.

2023 में खाकी पर दाग

11 दिसंबर 2023 : आरक्षी अरविन्द जायसवाल पर महिला टीचर ने शोषण और न्यूड वीडियो वायरल करने, ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.

13 दिसंबर : लेह में तैनात एक महिला लेफ्टिनेंट कर्नल को उसके साथी अफसर ने वाराणसी बुलाकर पहले घर और फिर होटल में रेप किया, आजमगढ़ की रहने वाली महिला अधिकारी की शिकायत पर वाराणसी रेप, मारपीट, धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।

27 अगस्त को शिवपुर थाने में तैनात सिपाही दीपक कुमार और सत्येंद्र गौड़ को निलंबित। थानाध्यक्ष का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फ्रीज बैंक अकाउंट शुरू कराने का प्रयास किया.

24 अगस्त को चोलापुर थाने का दरोगा हरि किशन यादव निलंबित। बरथौली के ग्राम प्रधान पति मंगरू राजभर की गैर इरादतन हत्या के मुकदमे की विवेचना में लापरवाही हुई.

19 अगस्त को गो तस्करों की पैरवी करने के आरोप में कैंट थाने के सिपाही मनोज सरोज और अनिल कुमार को प्रशासनिक आधार पर लाइन हाजिर किया गया.

5 अगस्त को सिपाही अमित कुमार, मनोज कुमार तिवारी, संजय कुमार शुक्ला, हरिबंश भारती और अर्दली प्यून अमृतलाल को बर्खास्त किया गया था.

11 जुलाई को सफाई कर्मी की निर्ममता से पिटाई करने के आरोप में कोतवाली थाने के दरोगा दिलेश कुमार को निलंबित किया गया.

5 जुलाई को चौकाघाट चौकी प्रभारी सूफियान खान से अभद्रता के आरोप में जैतपुरा थाने के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार को निलंबित किया गया.

24 जून : कमिश्नरेट पुलिस में तैनात दारोगा पर युवती ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। युवती ने आईजीआरएस पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाई थी। उस समय आरोपी दारोगा सिगरा थाना क्षेत्र के नगर निगम चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात थे.

17 जून को युवक की पिटाई के आरोप में सिंधौरा थाने के दरोगा अरविंद यादव को निलंबित किया गया.

15 जून को सारनाथ थाने के सिपाही त्रिलोकी भारद्वाज की देह व्यापार में संलिप्तता उजागर होने पर उसे निलंबित किया गया था.

10 जून को डकैती के आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में भेलूपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष रमाकांत दूबे, दरोगा सुशील कुमार, महेश कुमार व उत्कर्ष चतुर्वेदी, सिपाही महेंद्र कुमार पटेल, कपिल देव पांडेय व शिवचंद को बर्खास्त किया गया.

29 मई को भेलूपुर थाना क्षेत्र में 1.40 करोड़ की डकैती और फिर 30 मई की रात लावारिस कार में नोटों की बरामदगी मामले में इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई। इस मामले में सभी को बर्खास्त किया गया है.

25 मई को सारनाथ व कैंट थाने के हेड कांस्टेबल विनय कुमार, दीपक सिंह और प्रशांत सिंह को रंगदारी मांगने सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था.

सभी के लिए कानून एक है। पुलिस कर्मी से संबंधित जो भी मामले हंै, उसमें उसमें विवेचना कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.

मुथा अशोक जैन, सीपी

Posted By: Inextlive