रविदास घाट को भूल गये क्या

Updated Date: Sat, 01 Aug 2020 06:30 AM (IST)

-घाट पर जाने वाले मार्ग सहित सभी सीढि़यां हो चुकी है क्षतिग्रस्त

-साल 2012 में पांच करोड़ की लागत से हुआ था घाट का निर्माण

शहर में एक ओर जहां गंगा किनारे के सभी घाटों का हजारों करोड़ खर्च कर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है । वहीं दूसरी ओर अभी भी कई ऐसे घाट हैं जो सरकार व जिला प्रशासन की उपेक्षा की वजह से बदहाल व क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसा ही एक घाट है संत रविदास घाट। जो मौजूदा समय में बुरी तरह से बदहाल हो चुका है। घाट पर गंदगी रहती है तो सीढि़यां भी टूट गयी हैं। जबकि इस घाट पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहे हैं।

टूट चुकी है सीढ़ी

संत रविदास घाट की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौजूदा समय में घाट पर जाने वाला रास्ते से लकर घाट की सभी सीढि़यां टूट चुकी है। इसके चलते यहां पर आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों के साथ आस पास के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आठ साल पहले हुआ था निर्माण

गौरतलब हो कि संत रविदास घाट का का निर्माण व सौंदर्यीकरण का कार्य साल 2012 में लगभग पांच करोड़ की लागत से किया गया था । तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में बने इस घाट की वर्तमान सरकार के उपेक्षा के चलते बहुत ही बदहाल हालत हो चुका है।

गंदगी का अंबार

संत रविदास घाट पर मौजूदा समय में साफ-सफाई का कार्य नहीं हो रहा है। नतीजतन वर्तमान में संत रविदास घाट पर कूड़े व गंदगी का अंबार जमा हो चुका है। इस वजह से अब घाट पर आने जाने वाले को गंदगी व दुर्गन्ध की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

संत रविदास घाट की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया जा चुका है। बहुत जल्द ही शासन से मंजूरी मिलने के बाद व धन स्वीकृत होने के बाद घाट के पुनर्निर्माण का कार्य शुरु कर दिया जाएगा।

गौरांग राठी नगर आयुक्त

Posted By: Inextlive
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