यात्रा के दौरान आध्यात्मिकता और धार्मिकता का आभास कैंट स्टेशन से गोदौलिया की 3.85 किलोमीटर की यात्रा


वाराणसी (ब्यूरो)काशी के नवनिर्माण में आधुनिकता और अध्यात्म का रंग दिखाई दे रहा है। देश के पहले रोप वे सर्विस में यात्रियों को यात्रा के दौरान आध्यात्मिकता और धार्मिकता का आभास होगा। गंडोला से करीब 50 मीटर की ऊंचाई से यात्रा में काशी दर्शन के साथ ही यात्रियों को भजन भी सुनाई देगा। रोपवे काशी की यातायात की समस्या को सुगम बनाने के साथ ही कम समय में प्रदूषण रहित यात्रा कराएगा। रोपवे से वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से काशी विश्वनाथ मंदिर के पास गोदौलिया तक की यात्रा महज 16 मिनट में तय होगी। रोपवे का निर्माण 807 करोड़ से किया जा रहा है।

तेजी से चल रहा काम

पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर ला रही प्रदेश सरकार दुनिया की तीसरे अर्बन ट्रांसपोर्ट का निर्माण काशी में तेजी से करा रही है। काशी में यातायात की समस्या को समाप्त करने के लिए रोपवे का निर्माण किया जा रहा है, जो प्रदूषण से बचाते हुए गंतव्य तक पहुंचाएगा। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के चीफ़ एक्सक्यूटिव ऑफिसर प्रकाश गौर ने बताया कि वाराणसी में रोपवे का काम तेजी से चल रहा है। काशी की परंपरा और मिजाज के अनरूप गंडोला में यात्रा करने वाले शिव धुन और रामधुन का आनंद ले सकेंगे। गंडोला और रोपवे स्टेशन पर भी वाराणसी की परंपरा, संस्कृति, धरोहर और अध्यात्म की तस्वीर देखने को मिलेगी।

अंतिम चरण में कार्य

नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ ने बताया कि रोप वे के पहले सेक्शन का कैंट, भारत माता मंदिर और रथयात्रा में प्लेटफार्म का काम अंतिम चरण में है। हर डेढ़ से दो मिनट के अंतराल में यात्रियों को गंडोला उपलब्ध रहेगा, एक दिशा में एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकेंगे यानी 6000 लोग दोनों दिशा से एक घंटे में आ जा सकेंगे। गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचने में लगभग 16 मिनट लगेगा। लगभग 45 से 50 मीटर की ऊंचाई से करीब 150 ट्रॉली कार चलेगी। एक ट्रॉली में 10 पैसेंजर सवार हो सकते हैं.

Posted By: Inextlive