8 मार्च को निकलेगी शिवबारात जोरों से चल रही तैयारी शेर पर सवार होकर निकलेगी मां पार्वती की झांकी सोनू महाकाल के रूप में तो पार्वती के रूप में सपना नजर आएंगी वहीं अघोरी और भूत-पिशाच के रूप में छोटू चौहान नजर आएंगे


वाराणसी (ब्यूरो)देवादिदेव की नगरी में भगवान भूत भावन की विश्वप्रसिद्ध बारात को सिर्फ 4 दिन शेष हैं। तैयारियां जोरों से चल रही है। सोनू महाकाल के रूप में तो पार्वती के रूप में सपना नजर आएंगी। वहीं, अघोरी और भूत-पिशाच के रूप में छोटू चौहान नजर आएंगे। सभी पात्र शिवबारात में यह स्वांग कोई आठ साल से तो कोई चार साल से रचा रहा है। खास बात यह है कि इस बार महाशिवरात्रि में बाबा महाकाल संग मां पार्वती की झांकी शेर पर सवार होकर निकलेगी। इसके लिए 15 फीट लंबा और 4 फीट ऊंचा मिट्टी का शेर बनाया गया है.

बाबा की विशेष कृपा

विश्वप्रसिद्ध शिव बारात में महाकाल का रूप धरने वाले सोनू पर बाबा विश्वनाथ की विशेष कृपा है। मोमो बेचते-बेचते कब महाकाल का स्वरूप धरने लगे, उनको पता ही नहीं चला। आज उनके इस रूप का कायल पूरा देश है। ऐसा कोई भी महीना नहीं होता, जिसमें उनको महाकाल का रूप धारण करने के लिए अन्य राज्यों से बुलाया न जाए। यहीं नहीं इनके साथ 18 ऐसे कलाकार हैं, जो पार्वती, भूत, नर पिशाच का रूप धरते हैं। इनके रूप को देखते हुए इन कलाकारों की अधिक डिमांड है।

शिव बारात की तैयारी जोरों पर

महाकाल रूप धरने वाले सोनू का कहना है कि शिव बारात में पिछले आठ साल से महाकाल का रूप निभा रहे हैैं। शिवबारात 8 मार्च को है। तैयारी जारी है। हर कलाकार शिवबारात में कौन सा रूप धारण करेगा। इसके लिए अभ्यास जारी है। बाबा के गीतों संग नृत्य करने से लेकर सभी का अभ्यास चल रहा है.

बीएचयू से सितार का डिप्लोमा

सोनू का कहना है कि वर्ष 2015 में बीएचयू से सितार का डिप्लोमा लेने के बाद मोमो बेचने लगे। उनके पिताजी का पैतृक व्यवसाय सब्जी का है। सोनू बताते हंै कि पहले वह शिव का स्वरूप धरते थे, लेकिन पिछले चार साल से महाकाल का रूप निभाने लगे। तब से लगातार धर रहे हैं.

मोमो का काम छोड़ दिए

सोनू की डिमांड इतनी अधिक है कि अन्य राज्यों से कार्यक्रम करने के लिए बुकिंग शुरू हो गयी। जब लगातार काम मिलने लगा तो मोमो का काम बंद कर दिया। आज सिर्फ महाकाल का स्वरूप धरने का ही काम कर रहे हैं। इनके साथ अघोरी का रूप छोटू चौहान, पार्वती का रूप सपना निभाती है। इसके अलावा कई ऐसे कलाकार हैं, जो देव-दानव और पिशाच का रूप धरते हैं।

अघोरी के रूप में छोटू

छोटू चौहान का कहना है कि शिव बारात में भूत-पिशाच के साथ अघोरी के स्वरूप में रहते हैं। खाली समय में गारा-मिट्टी का काम करते हैं। पिताजी राजगीर मिस्त्री हैं, इसलिए उनके साथ रहकर काम करते हैं। अब शिव, महाकाल के साथ अघोरी स्वरूप की भी डिमांड काफी है।

पार्वती कर रहीं इंटर की पढ़ाई

शिवबारात में पार्वती के रूप में नजर आने वाली सपना अभी इंटर की पढ़ाई कर रही हैं। उनका एग्जाम चल रहा है। इसके बाद भी वह शिवबारात में पार्वती का स्वरूप धरेंगी। उनका कहना है कि मां पार्वती का स्वरूप धरने से मन को शांति मिलती है.

भूत का रोल निभाते हैैं सूरज

सूरज का कहना है कि शिव बारात में वह भी अघोरी के साथ भूत-पिसाच का स्वरूप निभाते हैैं। उन्होंने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है। साथ ही वह गारा-मिट्टïी का भी काम करते हैैं.

Posted By: Inextlive