बनारस में कोरोना पेशेंट के हार्ट में ब्लॉकेज की संख्या बढ़ी बीएचयू की ओपीडी में अचानक बढ़ी मरीजों की भीड़ प्रतिदिन आ रहे 150 मल्टीपल ब्लाकेज के केस मिलावटी खानपान दूषित पर्यावरण भी ब्लाकेज में खतरा बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में पूर्वांचल समेत बिहार और झारखंड से भी आते है मरीज


वाराणसी (ब्यूरो)कोरोना के बाद हार्ट अटैक ने भी अपना रूप बदल दिया है। कब आ जा रहा है कोई भांप भी नही पा रहा है। इसके एक-दो एग्जाम्पल नहीं, कई हंै। मऊ में वालीबाल खेलते समय पर अचानक बच्चे को हार्ट अटैक आया वह चल बसा। इसके बाद नोएडा में कार ड्राइव करते समय अचानक दिल का दौरा पडऩे से जान चली गयी। बीएचयू के सर सुंदर लाल चिकित्सालय को ही देख लीजिए कोरोना के पहले हार्ट अटैक के केसेज 2 से 3 परसेंट आते थे अब बढ़कर 30 परसेंट हो गए हंै। इसकी वजह डॉक्टर कोरोना वैक्सीन बता रहे हंै। उनका कहना है कि वैक्सीनेशन के बाद हार्ट में मल्टीपल ब्लॉकेज के केसेज काफी बढ़ गए हैं।

अचानक बढ़े केस

बीएचूयू को हृदय रोग विशेषज्ञ डा। ओम शंकर का कहना है कि हार्ट में मल्टीपल ब्लॉकेज के केस अचानक बढ़े है। कोरोना के पहले ऐसे केसेज देखने को नहीं मिलते थे अब तो 1 से 2 सेमी के ब्लॉकेज मिलते थे, अब 5 से 6 सेमी के मिल रहे हंै। पहले तो बढ़ती उम्र में यह समस्या आती थी लेकिन वर्तमान समय में दस साल का बच्चा हो या फिर 70 साल का बुजुर्ग सभी एज ग्रुप में यह केसेज देखने को मिल रहे हैैं।

ओपीडी में बढ़े पेशेंट

बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट की ओपीडी में आने वाले मरीजों में होने वाली एंजियोप्लास्टी में करीब 60 परसेंट ऐसे ही केसेज देखने को मिल रहे हैैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, यह एक चिंता का विषय है। कोरोना के बाद यह समस्या तो आयी है, साथ ही लोग खानपान को भी लेकर अवेयर नहीं है। इसके चलते और भी ब्लॉकेज की समस्या बढ़ रही है।

कम उम्र में मल्टीपल ब्लॉकेज

बीएचयू के सर सुंदर चिकित्सालय में यूपी ही नहीं बिहार, और झारखंड से भी पेशेंट आते है.कार्डियोलॉजी में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज हार्ट की समस्या को लेकर आते हैं। कई पेशेंट में मल्टीपल ब्लॉकेज के साथ दिल की तीनों नसों में लंबे ब्लॉकेज मिल रहे हैं, जो शॉक्ड करने वाले हैैं

स्टेंट लगाने की होड़

डा। ओमशंकर का कहना है कि ओपीडी में बड़ी संख्या में मल्टीपल ब्लॉकेज वाले मरीज आ रहे हैं। हर महीने 300 मरीजों में से 200 मरीजों में सेमी बढऩे के साथ मल्टीपल ब्लॉकेज मिल रहे हंै। इसके चलते मरीजों को 3-6 स्टेंट तक लगाने पड़ रहे हैैं। एक स्टेंट 48 एमएम से ऊपर का होता है। डॉक्टर के मुताबिक इस तरह के केस कोरोना के बाद अचानक बढ़े हंै। इसके पीछे कोरोना काल में ज्यादा दवा खाना और घर में बैठकर अधिक भोजन करना है। डॉक्टर का कहना है कि हार्ट के पेशेंट घर में वेइंग मशीन से वेट चेक करें.अपना बीपी और शुगर लेवल जांचें।

सेहत का ध्यान रखे

कार्डियोलॉजिस्ट डा। इन्द्रनील बसु का कहना है कि खानपान पर विशेष ध्यान रखें। हो सके तो बाहर का खाना-पीना बंद कर दें। हरी सब्जी, दाल बगैरह ही खाएं। अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए, खासतौर पर वजन, बीपी, शुगर लेवल और हार्ट रेट पर नजर रखें। कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, लोगों को घबराने की जगह अपनी सेहत के प्रति सतर्क और सजग रहना चाहिए। कोरोना काल में लोगों ने भारी मात्रा में दवा का सेवन किया। इसके अलावा वैक्सीन भी मल्टीपल ब्लॉकेज का कारण है। यही नहीं लोगों ने खानपान में भी काफी बदलाव लाया है। इसके चलते केस बढ़े है.

डाओमशंकर, हृदय रोग विशेषज्ञ, बीएचयू

मल्टीपल ब्ॉाकेज के लिए कोरोना तो जिम्मेदार है ही, साथ ही शहर में जिस तरह से प्रदूषण बढ़ रहा है यह भी एक बड़ा का कारण है.

डाइन्द्रनील बसु, कार्डियक

Posted By: Inextlive