बनारस की बेटी उड़ाएगी राफेल

Updated Date: Thu, 24 Sep 2020 07:48 AM (IST)

बनारस में पली-बढ़ी शिवांगी को 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरो का हिस्सा बनने का मिला सौभाग्य

-वर्ष 2017 में कमीशन हासिल करने के बाद वायुसेना में हुई थीं शामिल

भारत को फ्रांस से राफेल विमानों का बेड़ा मिलने के बाद सबसे अहम सवाल यह था कि इस फाइटर प्लेन को कौन उड़ाएगा। राफेल विमान को उड़ाने का सौभाग्य बनारस की बेटी शिवांगी सिंह को मिला है। बनारस में पली बढ़ी और बीएचयू से एनसीसी करने वाली शिवांगी को भारतीय वायुसेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बनारस ही नहीं बल्कि देश में भी वायुसेना की ओर से बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर अब जल्द ही उड़ान भरती नजर आएंगी। महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच में शामिल शिवांगी सिंह को वर्ष 2017 में भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। वाराणसी जिले की मूल निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह फिलहाल ट्रेनिंग प्राप्त कर रही हैं।

वायुसेना के 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरो से होगी शुरुआत

शिवांगी अंबाला स्थित भारतीय वायु सेना की 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में जल्द ही शामिल हो जाएगी। भारतीय वायु सेना में सन् 2017 में शामिल होने के बाद से ही शिवांगी सिंह मिग 21 बाइसन जैसा विमान उड़ा रही हैं। वह अंबाला में भारत के सर्वश्रेष्ठ फाइटर पायलटों में से एक विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ भी रह चुकी हैं। शिवांगी के पिता ने बताया कि उसका सपना था कि वह विमान उड़ाए। शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि हम लोगों को गर्व है कि हमारी बेटी बनारस के साथ ही देश का नाम रोशन करेगी। शिवांगी ने 2013 से 2016 तक बीएचयू के एनसीसी का ट्रेनिंग लिया था और सनबीम भगवानपुर से बीएससी किया था। शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी हैं और भाई मयंक बनारस में 12 वीं का स्टूडेंट है। पिता ने बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। सामान्य परिवार में पैदा हुई शिवांगी बचपन से ही होनहार रही। बेटी के सपने को पंख लगने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। पिता ने कहा कि बेटी राफेल उड़ाएगी इससे बड़ी खुशी पिता के लिए क्या हो सकती है।

बीएचयू से की पढ़ाई

राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह ने विभिन्न स्कूल में पढ़ाई करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए बीएचयू में एडमिशन लिया था। बीएचयू में ही वह नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं। इसके बाद वर्ष 2016 में ट्रेनिंग के लिए वायु सेना अकादमी उन्होंने ज्वाइन की थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने जेट विमान मिग 21 बाइसन और सुखोई एमकेआई से लेकर आधुनिकतम राफेल विमान को उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला पायलट भी हैं। इसकी सूचना मिलने के बाद से ही शिवंगी के घर में जश्न का माहौल है। फेमिली को जहां अपनी बेटी पर गर्व है वहीं पड़ोसियों के अनुसार शिवांगी के सपने हमेशा से ऊंचे रहे हैं और आज वह आसमान की बुलंदियों को छू रही है। उसकी मंजिल इससे भी आगे है।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.