शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने 21 जीआईसी को क्लस्टर स्कूल बनाने की मंजूरी दे दी है। चयनित स्कूलों में भवनों व अन्य निर्माण कार्यों के लिए करीब 24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसमें से पहली किस्त के रूप में 14 करोड़ 24 लाख की धनरशि संबंधित स्कूलों को जारी कर दी गई है।

देहरादूनल(ब्यूरो) प्रोजेक्ट के फस्र्ट फेज में रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, दून, टिहरी व पिथौरागढ़ जिले के चयनित जीआईसी को क्लस्टर स्कूल के रूप में स्थापित किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभाग की ओर से करीब 100 स्कूलों को क्लस्टर स्कूल के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

दून के 7 स्कूल हैं शामिल
शिक्षा मंत्री डॉ। धन सिंह रावत के अनुसार सरकार ने एनईपी-2020 के प्रावधानों व शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को देखते हुए आस-पास के कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का विलय कर क्लस्टर विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा करीब 100 स्कूलों को क्लस्टर स्कूल के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुये हैं। जिनमें से प्रथम चरण में रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, दून, टिहरी व पिथौरागढ़ जिले के 21 जीआईसी को कलस्टर स्कूल बनाए जाने की मंजूरी दे दी है। इसमें रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी के 3-3 स्कूल, दून व टिहरी के 4-4 ओर पिथौरागढ़ के 7 विद्यालय शामिल हैं।

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Posted By: Inextlive