नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड कप फाइनल मैच को लेकर दूनाइट्स के बीच भारी उत्साह देखने को मिला.

देहरादून(ब्यूरो): इंडिया और ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप फाइनल मैच लोग दिनभर टीवी स्क्रीनों और मोबाइल फोन को टकटकी लगाए देखते रहे। जैसे जैसे मैच आगे बढ़ता रहा लोगों की धड़कने बढ़ती रहीं, वे भारत की जीत के लिए दुआएं मांगते रहे। लेकिन, ट्रॉफी का सपना पूरा न होने पर मायूस दिखे।

हार के बाद मायूस दिखे दूनाइट्स

वर्ल्ड कप के फाइनल मैच देखने के लिए लोग दोपहर से ही टीवी और मोबाइल के सामने बैठे रहे। फाइनल मुकाबले में इंडिया को ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद क्रिकेट प्रेमी दुखी नजर आए। जैसे-जैसे ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी होने लगा लोगों को मायूसी होने लगी और टीम इंडिया की हार के बाद क्रिकेटप्रेमियों को निराशा का सामना करना पड़ा। हालांकि, दूनाइट्स ने पिछले मैचों में इंडिया की परफॉर्मेंस को सराहा।

बड़ी स्क्रीनों पर देखा मैच

शहर भर में क्रिकेट पे्रमियों के लिए बड़ी स्क्रीनों पर मैच देखने का भी पूरा इंतजाम किया गया था। राजपुर रोड, जाखन, त्यागी रोड, जीएमएस रोड आदि जगहों के रेस्टोरेंट्स और सड़क किनारे बड़ी स्क्रीन लगाई थी। लोग गाडियां रोक रोक कर मैचे का स्कोर जानने के लिए उत्सुक नजर आए। हालांकि इस कारण जाम बीच बीच में जाम भी लगता रहा।

सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा

लोगों के बीच मैच के क्रेज का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि हमेशा गाडिय़ों से गुलजार रहने वाली सड़के सुनसान नजर आई। पलटन बाजार राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, आईएसबीटी रोड आदि स्थानों पर आम दिनों के मुकाबले कम चहल-पहल दिखी। दुकान वाले भी मैच देखने के साथ-साथ कस्टोमर्स से डील करते दिखे। वहीं, चाक-चौराहों पर किसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस भी मुस्तैद रही।

इस तरह आए दूनाइट्स के रिएक्शंस

इंडिया की हार के कारण दुखी हूं, हम जीतेंगे पूरा विश्वास था लेकिन अब क्या कर सकते हैं किसी एक को दोष नहीं दे सकते सभी ने प्लेयर्स ने मैच जीतने की पूरी कोशिश की।
- हर्षवर्धन नेगी

भारत ने पूरे वर्ल्ड कप के मैचों में अच्छा परफॉर्म किया था आज के लिए भी यही उम्मीद थी। आज बाहर जाने का प्लान था मैच की वहज से वो भी कैंसिल कर दिया था।
- कुलदीप सिंह


भारतीय टीम को जीत का काफी प्रेशर था, इस वहज से वो फाइनल में सही परफॉर्म नहीं कर पाई। हार का दुख तो है लेकिन कोई बात नहीं अगली बार फिर कोशिश करेंगे।
- सिद्धार्थ वर्मा

फाइनल जैसे हाई प्रेशर गेम कम खेलने के कारण, भारतीय टीम को अनुभव और सकारात्मक सोच की कमी खली, यही कारण रहा कि हम फाइनल मैच हार गए।
- बृजेश कन्याल

ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम के सामने, हमारे बल्लेबाज लाचार नजर आए, ऐसा लग रहा था कि दोनों अलग-अलग पिच पर मैच खेल रहे हैं, ये हार नहीं भूलाई जाएगी।
- सुनील बिष्ट

इस तरह भारत हारेगा यह सोचा नहीं था भारत की हार से काफी निराशा हुई है, पूरे टूर्नामेंट में हमारी टीम बहुत अच्छा खेली लेकिन फाइनल मुकाबले में उसे तरह नहीं खेल पाई।
- शुभम कठैत

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Posted By: Inextlive