फिर एयरपोर्ट पर मंडराया जंगल जानवरों का खतरा

Updated Date: Tue, 15 Sep 2020 09:48 AM (IST)

DEHRADUN: जौलीग्रांट एयरपोर्ट प्रशासन पिछले लंबे समय से जंगली जानवरों के खतरे से परेशान है. स्थिति ये है कि यहां दोपहर से लेकर शाम तक जंगली जानवर एयरपोर्ट के रनवे पर आ जा रहे

- पिछले कई दिनों से रनवे पर पहुंच रहे हैं जंगली सियार

- मंडे को फॉरेस्ट की तीन टीमें पहुंची एयरपोर्ट, जाल व पिंजड़े लगाए

>DEHRADUN: जौलीग्रांट एयरपोर्ट प्रशासन पिछले लंबे समय से जंगली जानवरों के खतरे से परेशान है। स्थिति ये है कि यहां दोपहर से लेकर शाम तक जंगली जानवर एयरपोर्ट के रनवे पर आ जा रहे हैं। जिससे खतरा बना हुआ है। इसको देखते हुए मंडे को फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की तीन टीमें एयरपोर्ट पहुंची। जहां इन टीमों ने इन जानवरों के रेस्क्यू के लिए चार पिजड़े और दो जाल लगाए हैं।

पहले भी रेस्क्यू किए जा चुके हैं सियार

दून एयरपोर्ट प्रशासन की जंगली जानवरों ने लंबे समय से परेशानियां बढ़ाई हैं। सबसे ज्यादा सियार से एयरपोर्ट प्रशासन परेशान है। हालांकि एक बार बंदर भी एयरपोर्ट की बिल्डिंग पर घुस गए थे। लेकिन फिर से यहां सियार की दस्तक हुई है। इसके बाद मजबूर होकर एयरपोर्ट प्रशासन को फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को सूचित करना पड़ा है। मंडे को डीएफओ के आदेश पर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की तीन टीमें दोपहर में एयरपोर्ट पहुंची। जहां इन टीमों ने एयरपोर्ट में सियार की दस्तक का पूरा मुआयना किया। इन टीमों को पता चला कि पिछले कई दिनों से सियार एयरपोर्ट के रनवे तक पहुंच जा रहे हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। एयरपोर्ट पहुंचने वाले फॉरेस्ट की टीमों में आरआरटी बड़कोट रेंज, थानों रेंज व हेडक्वार्टर की रेस्क्यू टीमें शामिल रही।

पिछड़े में रेस्क्यू न होने पर रात में कैंप करेंगी टीमें

बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के पास घना जंगल है। जहां जंगली जानवरों की आवाजाही खासी है। यही वजह है कि ये जंगली जानवर भोजन की तलाश में दिन दोपहर में रनवे तक पहुंच जा रहे हैं। फिलहाल, अब फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीमों ने इन जंगली सियार को रेस्क्यू करने का इंतजाम कर दिया है। बताया गया है कि यहां दो जाल व 4 पिंजड़े लगाए गए है। इनमें इन जंगली जानवरों को फंसाने के लिए उनके भोजन के तौर पर मटन भी परोसा गया है। बताया जा रहा है कि जाल व पिंजड़े में ये जंगली सियार न फंसे तो वन विभाग की टीमें एयरपोर्ट पर ही नाइट कैंप करेंगे और जानवरों के नाइट मूवमेंट के बाद दूसरी रणनीति तैयार करेंगे। इससे पहले भी एयरपोर्ट पर फॉरेस्ट की टीम ने 4 सियार, कई बंदर रेस्क्यू किए हैं।

Posted By: Inextlive
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