जान जोखिम में डाल दवा पहुंचा रहीं आशा वर्कर्स

Updated Date: Tue, 18 May 2021 11:52 AM (IST)

-ग्लव्स, न मास्क इसके बाद भी दवा पहुंचाने की चिंता

देहरादून। दून में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े तो संक्रमण न फैले इसके लिए कोरोना कफ्र्यू लगा दिया गया और लोगों को घरों में ही रहने को कहा जा रहा है। लेकिन इस बीच आशा वर्कर्स हैं जो होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित परिवार के घरों में जाकर उन्हें होम आइसोलेशन किट मुहैया करा रहीं हैं। इस जिम्मेदारी को निभाते हुए वह बिना घबराए अपनी जान को भी जोखिम में डाल अपने काम को अंजाम दे रही हैं। होम आइसोलेशन किट बांटने के दौरान उनके पास न तो ग्लव्स होते है और न ही मास्क दिए जाते हैं।

घर-घर पहुंचाते हैं होम आइसोलेशन किट

दून में इन दिनों रोजाना 800-1000 लोग होम आइसोलेशन में अपना ट्रीटमेंट करा रहे हैं। इन पेशेंट्स को दवाई पहुंचाने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है। स्वास्थ्य विभाग इनके घरों तक कोरोना किट आशा वर्कर्स के माध्यम से पहुंचा रहा है। इस दौरान उनके पास गलव्स नहीं होते। सरकार की ओर से बीते माह चार मास्क और दो पेयर ग्लव्स कुछ आशा वर्कर्स को दिए गए थे वह भी चार दिन ही चल पाए। उसके बाद दोबारा इन्हें कोई मास्क व ग्लव्स नहीं मिले।

रहता है कोरोना का खतरा

फ्रंटलाइन आशा वर्कर्स कोरोना संक्रमित पेशेंट से सीधे संपर्क में रहती है। इसलिए उनकी सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। उनके पास ग्लव्स और सेनेटाइजर तक नहीं पहुंचा रहे है। कई आशा वर्कर्स को तो फटे हुए मास्क दिए गए। उन्हें बदला भी नहीं गया।

कुछ समय पूर्व हमें कुछ मास्क मिले वह मास्क फटे होने के कारण, हमें अपने मास्क का अरेंजमेंट करना पड़ता है। या फिर दुपट्टे और साड़ी के पल्लू का उपयोग करना पड़ता है। ताकि हमें संक्रमण का खतरा कम हो। हम बिना ग्लव्स ही होम आइसोलेशन किट बांटते हैं।

सीमा, आशा वर्कर, मेंहूवाला

कई बार एक दिन में 15 से 18 घरों में होम आइसोलेशन किट को बांटने जाना होता है। ऐसे में एक मास्क को ज्यादा घंटे नहीं लगा सकते। इस दौरान दो मास्क का इस्तेमाल करते हैं। सीएमओ कार्यालय से अब तक केवल चार ही मास्क मिले हैं।

सुनीता चौहान, आशा वर्कर, पटेलनगर

बीते दिनों आवाज उठाने पर उन्हें कुछ सदस्यों को सिंगल-यूज मास्क दिया गया था, लेकिन इसके बाद ये भी नहीं मिले। सेनेटाइजर की कुछ ही छोटी-छोटी बोतलें मिलीं, जो आधी आशा वर्कर्स को भी मुहैया नहीं हो सकती। हम सब जान जोखिम में डालते हुए काम कर रहे हैं।

शिवा दुबे, अध्यक्ष उत्तराखंड आशा वर्कर्स एसोसिएशन

जितना संभव है हम सभी स्टाफ को सुविधा मुहैया करा रहे हैं। जब तक शासन स्तर से निर्देश नहीं मिलते इस विषय में कुछ नहीं कर सकते।

डॉ। दिनेश चौहान, एसीएमओ देहरादून

Posted By: Inextlive
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