क्रिमिनल पर महिला चीता का पंजा

Updated Date: Wed, 24 Feb 2021 09:38 AM (IST)

-खास वर्दी में पिस्टल, बॉडी वॉर्न कैमरे के साथ नजर आएगी महिला चीता पुलिस

-क्राइम सीन पर सिक्योरिटी, संवाद और एविडेंस जुटाने का जिम्मा अब स्मार्ट चीता पुलिस का

देहरादून,

क्राइम अगेंस्ट वूमेन के खिलाफ अब महिला स्मार्ट चीता सड़कों पर नजर आएंगी। पहली बार चीता पुलिस टीम में महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। जो कि किसी भी तरह के क्राइम होने पर 10 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम में ही घटनास्थल पर पहुंचेंगी। क्राइम सीन पर अब चीता पुलिस सिर्फ सूचना देने-लेने का काम नहीं करेगी, बल्कि खास वर्दी में पिस्टल, बॉडी वॉर्न कैमरे के साथ एविडेंस इकट्ठा करने और केस को सॉल्व करने में अहम भूमिका भी निभाएंगी।

30 महिला चीता की तैनाती

1 माह की कड़ी ट्रेनिंग के बाद आज से स्मार्ट चीता दून सिटी में नजर आएगी। 30 महिला पुलिसकर्मी समेत 148 पुलिसकर्मी स्मार्ट पुलिसिंग के लिए आज से नए कलेवर में नजर आएंगी। स्मार्ट चीता पुलिस को स्पेशल यूनिफॉर्म, बॉडी वॉर्न कैमरे, पिस्टल और स्पेशल बेल्ट दी गई है। जिससे क्राइम सीन पर किसी भी तरह की समस्या से निपटा जा सके। 112 पर आने वाली कॉल से चीता पुलिस को क्विक रिएक्शन के लिए मौके पर भेजा जाएगा। बॉडी वॉर्न कैमरे से चीता कंट्रोल रूम से लाइव जुड़ी रहेंगी, क्राइम सीन की स्थिति, किसी भी तरह के वॉयलेंस और अतिरिक्त फोर्स आदि किसी भी तरह की आवश्यकता पड़ने पर सीधा कंट्रोल रूम चीता पुलिस के माध्यम से फैसला ले पाएंगे। जिससे पब्लिक को बेहतर पुलिसिंग दिखाई दे।

केस स्टडी और एविडेंस पर फोकस

चीता पुलिस को सिटी पेट्रोल यूनिट की तर्ज पर स्मार्ट पुलिस बनाया गया है। क्रिमिनल्स में पुलिस का खौफ और स्मार्ट पुलिसिंग के जरिए किसी भी केस को सुलझाने के लिए स्मार्ट चीता पुलिस को ट्रेंड किया गया है। जो कि सबसे पहले क्राइम सीन पर पहुंचकर केस की पूरी डिटेल और एविडेंस जुटाएंगी। इसके बाद सीनियर को रिपोर्ट भी करेंगी। बॉडी वार्न कैमरा और पिस्टल के जरिए क्राइम सीन पर होने वाली हर एक्टिविटी पर भी चीता की नजर रहेंगी। खाकी वर्दी और यलो ब्लैक कलर की टू व्हीलर पर सड़कों पर गश्त भी करती हुई नजर आएंगी।

चार साल में बढे़ क्राइम अगेंस्ट वूमेन

सख्त कानून और जागरूकता कैंपेन के बाद भी क्राइम अगेंस्ट वूमेन के मामले कम नहीं हो रहे हैं। महिला सशक्तीकरण और बाल विकास विभाग में बीते चार सालों में स्टेट में महिला हिंसा की 2314 और बाल यौन शोषण से संबंधित 139 कंप्लेन दर्ज हुई हैं। ऐसे में महिला सुरक्षा अभी भी पुलिस के लिए सबसे बड़ा चैलेंज साबित हो रहा है। वर्तमान में 112 में आने वाली किसी भी तरह की कंप्लेन के बाद चीता पुलिस को पहले मौके पर भेजा जाता रहा है। लेकिन अब चीता टीम में स्मार्ट और हथियारों से लैस चीता पुलिस के आने से क्राइम अगेंस्ट वूमेन पर भी पुलिस शिकंजा कसने में मदद मिल सकती है।

चीता पुलिस में बदलाव-

-पहली बार 30 महिला पुलिसकर्मियों को किया गया शामिल

-बॉडी वार्न कैमरे से सीधे कंट्रोल रूम से रहेंगी कनेक्ट

-पिस्टल के जरिए क्राइम सीन पर किसी भी परिस्थिति से निपटने को रहेंगी तैयार

-सिर्फ सूचना देने का काम नहीं, एविडेंस जुटाने और केस सॉल्व करने में निभाएंगी अहम भूमिका

-कम से कम रिस्पॉन्स टाइम

-संवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता पर जोर

-1 सप्ताह की जगह 1 महीने की ट्रेनिंग

-सीनियर ऑफिसर्स ने दी स्पेशल ट्रेनिंग

क्यों पड़ी जरूरत -

-क्राइम अगेंस्ट वूमेन की कंप्लेन पर अंकुश लगाने की कवायद

-टैक्निकल के अलावा कानूनी कार्रवाई में दक्ष

-महिलाएं, बच्चों से कैसे करें व्यवहार

-शारीरिक और मानसिक क्षमता बढ़ाने पर फोकस

-महिलाओं के साथ अपराध होने पर कम्यूनिकेशन में नहीं होगी समस्या

महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक स्टेप आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है। इससे जहां महिलाओं के अंदर कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, वहीं क्राइम अगेंस्ट वूमेन पर भी लगाम लगेगी।

अशोक कुमार, डीजीपी, उत्तराखंड

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.