दून में 353 वॉरियर्स को लगा सुरक्षा कवच

Updated Date: Sun, 17 Jan 2021 09:40 AM (IST)

- दून में वैक्सीनेशन अभियान के पहले दिन 69 परसेंट कर्मियों ने ही लगवाया टीका, 509 में से 353 ही पहुंचे सेंटर

-दून अस्पताल में वैक्सीनेशन अभियान के शुभारंभ में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहुंचकर लाभार्थी को सौंपा वैक्सीनेशन का कार्ड

देहरादून,

फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स को सैटरडे से कोरोना वैक्सीन के रूप में सुरक्षा कवच मिल गया है। देहरादून में 509 में से 353 वॉरियर्स ने वैक्सीन लगवाई। दून में 69 परसेंट वैक्सीनेशन हुआ।

20 हजार अतिरिक्त वैक्सीन की डिमांड

दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के नए ओपीडी ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने पहला टीका लगवाने वाले वार्ड ब्वॉय शैलेंद्र द्विवेदी व दूसरा टीका लगवाने वाले छाती एवं टीबी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ। अनुराग अग्रवाल को वैक्सीनेशन का कार्ड सौंपा। सीएम ने इस मौके पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य कíमयों के वैक्सीनेशन के लिए एक लाख 13 हजार वैक्सीन की खुराक मिली है, जो पचास हजार स्वास्थ्य कíमयों के लिए है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कíमयों के लिए अतिरिक्त वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी। राज्य सरकार ने हरिद्वार में महाकुंभ को देखते हुए केंद्र से बीस हजार अतिरिक्त कोरोना वैक्सीन देने का अनुरोध किया ह। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द राज्य को यह वैक्सीन उपलब्ध हो सकती हैं।

एम्स डायरेक्टर ने भी लगवाया टीका

एम्स ऋषिकेश में निदेशक प्रो। रविकांत ने भी पहले ही दिन टीका लगवाया। एम्स ऋषिकेश में कोविड-19 टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत सफाई कर्मी मीना को पहला टीका लगाकर हुई। दूसरा टीका निदेशक प्रोफेसर रविकांत को लगाया गया। एम्स ऋषिकेश में आयुष भवन को टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। यहां अभियान का शुभारंभ एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने रिबन काटकर किया। एम्स निदेशक ने कहा कि सफाई कर्मचारी और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ विशेष भूमिका निभा रहे हैं.चिकित्सालय में वार्ड के भीतर और बाहर इन्हें कर्मचारियों की विशेष भूमिका रहती है। इसलिए टीकाकरण में पहला अधिकार इसी वर्ग के कर्मचारी को मिलना चाहिए, जिसके बाद सफाई कर्मचारी मीना को पहला टीका लगाया गया। दूसरा टीका निदेशक प्रोफेसर रविकांत और तीसरा टीका डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज कुमार गुप्ता को लगाया गया। एम्स निदेशक ने पहला टीका लगवाने वाली सफाई कर्मचारी मीना को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

टीके को लेकर नहीं है कोई संशय

टीकाकरण महाभियान के तहत राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में पहली वैक्सीन वार्डब्वॉय शिव सिंह नेगी को लगा और दूसरी वैक्सीन सीनियर सर्जन डॉ। बृजेश भारद्वाज को लगाया गया। टीका महाभियान के तहत पहले दिन 60 हेल्थ वर्कर्स को टीका लगा। वैक्सीनेशन के बाद करीब आधा घंटा स्वास्थ्य कर्मियों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया। किसी को कोई परेशानी नहीं हुई है। राजकीय चिकित्सालय में सबसे पहले टीका लगवाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिव सिंह नेगी ने कहा कि मुझे खुशी इस बात की है कि विभाग ने इस महाभियान में सबसे पहले टीका लगाने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को चुना है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर उनके मन में किसी तरह का कोई संशय नहीं था। वह खुद हेल्थ वर्कर हैं। किसी को भी आशंकित होने की जरूरत नहीं है।

चमोली में सबसे ज्यादा, नैनीताल में सबसे कम पहुंचे सेंटर

कोरोना का टीका लगाने में सबसे ज्यादा उत्साह चमोली जिले के स्वास्थ्यकर्मियों में देखने को मिला। चमोली में 84 परसेंट कर्मियों ने टीका लगवाया। नैनीताल व पिथौरागढ़ में वैक्सीनेशन का ग्राफ 60 परसेंट के आसपास सिमटा। प्रदेश में पहले दिन 3182 स्वास्थ्य व इससे संबंधित कार्मिकों का रजिस्ट्रेशन कोरोना का टीका लगाने के लिए किया गया था। 34 स्थलों पर शुरू किए गए वैक्सीनेशन में 2276 कार्मिक टीका लगवाने के लिए पहुंचे। इस तरह 72 फीसद कार्मिकों ने पहले दिन टीका लगवाया।

Posted By: Inextlive
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