स्कल, हिप, एंकल हो सकती है ब्रेक

यूथ में तेजी से फैल रहा ये चैलेंज

देहरादून।

ब्लू-व्हील के बाद कैलेगिरी चैलेंजेस इन दिनों जान का खतरा बना हुआ है। टिक-टॉक से मिलने वाले इस चैलेंज को यूथ पियर प्रेशर में आकर कर रहे हैं। जिसमें गिरने की स्कल, हिप, एंकल फ्रैक्चर हो सकता है। विदेशों के बाद तेजी से देश में ये चैलेंज वायरल होता दिख रहा है। इस तरह के चैलेंजेस से बच्चों को बचाने के लिए पैरेंट्स साइकोलॉजिस्टस के पास पहुंच रहे हैं।

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ये हैं स्कल ब्रेकर चैलेंज

इस कैलेगिरी चैलेंज से स्कल ब्रेक हो सकता है, इसलिए इसे स्कल ब्रेकर भी कहा जाता है। कुछ नया करने की चाहत में यूथ इन दिनों इस तरह के चैलेंज को एक्सेप्ट कर रहे हैं। पहले तक जहां ब्लू-व्हेल के चैलेंज बच्चे एक्सेप्ट कर रहे थे और जान का खतरा मोल ले रहे थे। हालांकि वो सब ऑनलाइन करना होता था। अब ये नया चैलेंज फिजिकल तौर पर एक्सेप्ट कर रहे हैं। साथ ही स्कूलों, ग्राउंड और घरों में भी इस चैलेंज को किया जा रहा है।

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पैरेंटस को होने लगी चिंता

इस चैलेंज को लेकर अब पैरेंट्स को चिंता होने लगी है। टिक-टॉक से वायरल हुए इस तरह के वीडियो को देखने के बाद पैरेंट्स साइकोलॉजिस्ट के पास पहुंचने लगे हैं। जिनकी चिंता है कि कैसे बच्चों को इस तरह की चीजों से बचाया जाए। आखिर उन्हें किस तरह से फीड बैक दिया जाए कि बच्चे खुद ही इन जानलेवा चैलेंजेस से दूर रहें और दूसरे बच्चों को भी इसे करने से मना करें। इस बारे में टिप्स लिए जा रहे हैं।

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ऐसी-ऐसी राय

वहीं साइकोलॉजिस्ट्स की ओर से भी पैरेंट्स को सतर्कता बरतने को कहा जा रहा है। सिर्फ पैरेंट्स ही नहीं बल्कि स्कूलों में भी अवेयरनेस फैलाने की राय दी जा रही है। ताकि कोई भी टीचर बच्चों को इस तरह का चैलेंज करते देखे तो तुरंत मना करें। सभी जगह इस बारे में जानकारी होनी जरूरी है।

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ये है कैलेगिरी चैलेंज

इस चैलेंज को करने के लिए तीन लोग खड़े होते हैं। इसके बाद तीनों लोग साथ उछलते हैं कि अचानक किनारे वाले अपने एक-एक पैर से बीच वाले का एक-एक पैर खींच देते है। इससे बीच वाला व्यक्ति गिर जाता है। ऐसे अचानक गिरने की वजह से कोई भी हिस्सा फ्रेक्चर हो सकता है। जिससे जान भी जा सकती है।

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ये है मनोवैज्ञानिक पहलू

--टींस के अंदर कुछ नया एक्सपेरीमेंट करने की चाहत के चलते वह नए-नए जानलेवा एक्सपेरीमेंट एक्सेप्ट कर रहे हैं।

-- पीयर प्रेशर यानी साथियों के दबाव में आकर टींस कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं।

-- बार-बार किसी के उकसाने पर कोई हिचक के बिना खतरा मोल लेने की तैयार हो जाते हैं

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ये है स्कल ब्रेकर

स्पेनिश शब्द रोंपक्रेनिऑस से लिया गया है। जिसका मतलब स्कल ब्रेकर होता है। इसलिए इसको स्कल चैलेंज के नाम से जाना जाता है।

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ऐसे करें बचाव

-- स्कूलों के माध्यम से अवेयरनेस फैलानी चाहिए।

--पैरेंट्स बच्चों को पहले ही सोशल मीडिया पर दिखा दें कि ये कितना खतरनाक चैलेंज हैं।

--यदि हो सके तो स्कूल में डॉक्टर के माध्यम से या नर्सिग असिस्टेंट के माध्यम से अवेयरनेस फैलाई जाए।

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कुछ पैरेंट्स कैलेगिरी चैलेंज को लेकर डरे हुए थे। जो कि बच्चों को इससे बचाने के लिए टिप्स लेने आए थे। इसमें बेहतर होगा कि पैरेंट्स बच्चों को खुद ऐसा खतरा मोल नहीं लेने को लेकर समझाएं।

डा। श्रवि अमर अत्री, साइकोलॉजिस्ट

Posted By: Inextlive