राजधानी दून का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. पहाड़ी क्षेत्रों से आकर लोग दून में बस रहे हैं. शहर में लगातार पॉपुलेशन बढ़ रही है. सिटी में हर साल 6 से लेकर 8 हजार बिल्डिंग बनकर तैयार हो रही है. इसका अंदाजा एमडीडीए की ओर से किए जा रहे बिल्डिंगों के मैप्स की स्वीकृति से लगाया जा सकता है.

देहरादून (ब्यूरो): राजधानी दून का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से आकर लोग दून में बस रहे हैं। शहर में लगातार पॉपुलेशन बढ़ रही है। सिटी में हर साल 6 से लेकर 8 हजार बिल्डिंग बनकर तैयार हो रही है। इसका अंदाजा एमडीडीए की ओर से किए जा रहे बिल्डिंगों के मैप्स की स्वीकृति से लगाया जा सकता है। एमडीडीए हर साल छह से आठ हजार मैप स्वीकृत कर रहा है। इसमें कुछ जगहों पर इलीगल बिल्डिंगें भी बन रही है। उसको भी मिला दिया जाए, तो संख्या 10 हजार से अधिक बैठती है। जनरल के साथ ही कैंपों में भी भवनों के मैप स्वीकृत किए जा रहे हैं। शहर की बढ़ती आबादी इस बात से भी लगाई जा सकती है कि 60 से बढ़कर नगर निगम के वार्ड 100 हो गए हैं। नए एरियाज डेवलप होने से वार्डों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है।

एक नजर में दून सिटी
1300000
लाख है शहर की कुल पॉपुलेशन
250000
थी 2003 में सिटी की जनसंख्या
10000
बिल्डिंग बन रही हर साल खड़ी
10500
वाहन हैं देहरादून संभाग में रजिस्टर्ड
8000
मैप हो रहे एमडीडीए में सालाना स्वीकृत
2000
बिल्डिंग बिना नक्शे के बन रहीं
600
बीघा से अधिक इलीगल प्लॉटिंग हर माह ध्वस्त कर रहा एमडीडीए
400
से अधिक आवासीय प्रोजेक्ट का चल रहा दून सिटी में निर्माण

पहले की अपेक्षा अब नक्शे के आवेदनों की संख्या बढ़ी है। नियमों को थोड़ा आसान बनाया है। शमन कैंप से लोगों को राहत मिल रही है। भविष्य में मैप फैसिलिटी सरलीकरण के साथ ही जन सुविधाओं में और बढ़ोत्तरी की जाएगी।
बंशीधर तिवारी, वाइस चेयरमैन, एमडीडीए

10 हजार बिल्डिंग हर साल हो रही खड़ी
एमडीडीए में बिल्डिंगों के नक्शों की पेंडेंसी घट गई है। पिछले करीब 8 माह से कमर्शियल हो या नॉन कमर्शियल, हर तरह के नक्शे जल्दी-जल्दी स्वीकृत हो रहे हैं। या यूं कहें कि नक्शे पास करने की रफ्तार ने गति पकड़ ली है। अब लोगों को घर का नक्शा पास कराने के लिए एमडीडीए के अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं और न ही अनावश्यक विलंब की मार ही झेलनी पड़ रही है। बड़ी आसानी से नक्शे पास हो रहे हैं। खास बात यह है कि लंबे समय से ऑब्जेक्शन के चलते पेंडिंग नक्शे पूर्व की ओटीएस स्कीम से ज्यादा शमन कैंप के माध्यम से निस्तारित हो रहे हैं। बंशीधर तिवारी ने जब से वीसी का पद संभाला है तब से एमडीडीए में नक्शे पास होने की गति ने तेजी पकड़ी है।

400 से अधिक आवासीय प्रोजेक्ट
शहर में आवासीय प्रोजेक्ट की भी बाढ़ सी आ गई है। जहां देखो वहां ऊंची-ऊंची आवासीय प्रोजेक्ट का निर्माण हो रहा है। वर्तमान में सिटी में 411 आवासीय और गैर आवासीय भवनों का निर्माण चल रहा है। ये वे प्रोजेक्ट हैं जो उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में पंजीकृत हैं। एक-एक आवासीय परिसर में 100 से लेकर 1000 तक के आवास हैं।

इलीगल प्लॉटिंग की भरमार
शहर में कई जगहों पर इलीगल प्लॉटिंग चल रही है। एमडीडीए की ओर से पिछले एक माह में करीब 600 बीघा जमीन से इलीगल प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया है। कई इलीगल प्लॉटिंग में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बन चुकी है। आवासीय कॉलोनी का रूप लेने के बाद एमडीडीए भी कुछ नहीं कर पा रहा है। अवैध प्लॉटिंग में नक्शे के मानक पूरे न होने से लोगों ने नक्शे ही नहीं बनाए। पिछले दो माह में 250 से अधिक आवासीय और कमर्शियल बिल्डिंग को एमडीडीए ने सील किया है।

रिकॉर्ड नक्शे स्वीकृत
सिटी में पिछले कुछ सालों से बिल्डिंग के नक्शे पास कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन पिछले करीब 10 माह में रिकॉर्ड नक्शे स्वीकृत किए गए हैं। जहां पहले रोजाना 10 से 12 मैप स्वीकृत होते थे वहां आज 20 से लेकर 22 नक्शे रोजाना पास हो रहे हैं। नक्शों की यह रफ्तार बताई है कि शहर में तेजी से बिल्डिंगों का निर्माण चल रहा है।

ओटीएस के मुकाबले शमन कैंप आसान
पिछले साल सितंबर 2022 में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिसके बाद एडीडीए के पास कोई योजना नहीं थी। फरवरी 2023 में बंशीधर तिवारी ने वीसी का पदभार संभालने के बाद शमन कैंप लगाना शुरू किया, जिसमें लोग घर बैठे भी ऑनलाइन नक्शा पास करा सकते हैं। 4 मार्च 2023 को पहला शमन कैंप लगाया गया। अब हर सप्ताह शनिवार को शमन कैंप आयोजित किया जाता है। ओटीएस के मुकाबले शमन कैंप में कंपाउंडिंग के केस ज्यादा सॉल्व हो रहे हैं।

पिछले पांच माह में स्वीकृत मैप
माह रिसीव स्वीकृत
जुलाई 538 320
अगस्त 826 651
सितंबर 712 436
अक्टूबर 754 558
नवंबर 599 427

Posted By: Inextlive