राजधानी दून में मौसम चाहे बरसात का हो या बिन बारिश का सड़कों पर पानी की निकासी को बनी नालियों की हालत हर समय खराब बनी रहती है. गंदगी से बजबजाती नालियां अक्सर दूनाइट्स को दर्द देती आई है.

- सिटी में 685 नालियों की साफ-सफाई भगवान भरोसे

देहरादून, ब्यूरो: हालत यह है कि दून नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न कस्बों और कालोनियों में गंदगी से पटी नालियां डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां को न्यौता दे रही है। नालियों की नियमित सफाई के लिए नगर निगम के पास कोई योजना नहीं है। याद आई तो सफाई कर दी, नहीं तो सालों तक यूं ही नालियां गंदगी से भरी पड़ी है। हालांकि कई बार लोग बाथरूम और सीवर का पानी नालियों में छोड़ देते हैं। दूध डेरियों गंदगी भी नालियों में छोडऩे से कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।

सबक नहीं ले रहा नगर निगम
सवाल यह है कि आखिर नगर निगम नालियों की नियमित सफाई की सुध कब लेगा। इस बार डेंगू के 80 फीसदी केस देहरादून में मिले हैं। इसके बावजूद भी नगर निगम ने सबक नहीं ली है। नगर निगम की यह लापरवाही नगरवासियों को दर्द दे रही है।

सिटी में 685 नालियां
नगर निगम के पास सिटी की करीब 685 नालियों का जिम्मा हैं। इनमें से अधिकांश नालियां ऐसे ही जिनकी सालों में कभी-कभार ही सफाई होती होंगी। अधिकांश नालियां चौक हैं। कई जगहों पर नालियां टूटी-फूटी है। कतिपय जगहों पर नालियों पर रैंप बनाकर बंद कर दिया गया है, जिससे नालियों का पानी एक जगह पर जमा रहता है।

सड़कों पर रैम्प भी बन रहे रोड़ा
रेसकोर्स चौक से प्रिंस चौक तक स्थिति सबसे ज्यादा विकट है। इसी तरह त्यागी रोड, रेसकोर्स और रिंगरोड पर भी नालियां की सफाई नहीं हुई है। सहारनपुर रोड और प्रिंस चौक से आईएसबीटी तक नालियों का निर्माण एवं फुटपाथ बनाया गया, लेकिन यहां निर्माण के दौरान नालियों की सफाई नहीं की गई। रैंप से अधिकांश सड़कें चौक हैं। कई जगहो पर बिजली के खम्भे भी नालियों का वेग रोक रहे हैं।

इन इलाकों में समस्या ज्यादा
डीएल रोड
आर्य नगर
सालावाला
डोभालवाला
चुक्खूमोहल्ला
खुड़बुड़ा मोहल्ला
सेवाला कलां
सीमाद्वार
झंडा मोहल्ला
चंदर रोड
बद्रीश कालोनी
गांधी ग्राम
गोविंदगढ़
लक्खीबाग
रीठामंडी

सफाई को कोई योजना नहीं
नगर निगम के पास नालियों की सफाई के लिए कोई योजना नहीं है। निगम अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मचारी नहीं है, जिस कारण नालियों की नियमित सफाई नहीं की जा रही है।

विभाग भी लापरवाह
सिटी में नालियों का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी के पास भी है। पीडब्ल्यूडी ने भी कुछ इलाकों में नालियों का निर्माण कर जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली है। इसके अलावा एमडीडीए के पास भी कई जगहों पर निर्माण और मॉनीटरिंग की व्यवस्था है, बावजूद इसके जिम्मेदारी उठाने को कोई भी आगे नहीं आ रहा है।

पब्लिक भी अवेयर नहीं
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नालियों को लेकर पब्लिक को भी अवेयर रहने की जरूरत है। नालियां मे गोबर और अन्य कूड़ा-करकट न डालें, ताकि नालियां बंद न हो। रैम्प बनाते समय नालियां बंद न करें। नालियों को साफ-सुथरा रखने में नगर निगम की टीम का सहयोग करें।

कुल नालियां- 685
सफाई का जिम्मा- नगर निगम
निर्माण- पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए

कर्मचारियों की कमी के चलते नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती है। हालांकि बरसात से पहले ओर बाद में नालियों की सफाई का काम किया जाता है। नालियों में कूड़ा-कचरा डालने पर समय-समय पर चालान को अभियान चलाया जाता है।
डा। अविनाश खन्ना
सीनियर हेल्थ ऑफिसर, नगर निगम

Posted By: Inextlive