पुलिस ने पिछले दिनों रेसकोर्स में पिछले दिनों हुई लूटपाट की घटना को खुलासा कर दिया है। इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है। लुटेरों से मेरठ से दून आकर रेसकोर्स के एक घर में लूटपाट की और लूट गई रकम शिमला और रोहतांग जाकर उड़ा ली। वे एक बार फिर से देहरादून आकर किसी और घर में लूटपाट की फिराक में थे लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। उनके पास से करीब 12 लाख रुपये कीमत की घडिय़ां लूटी गई लाइसेंसी रिवॉल्वर और कुछ अवैध असलाह भी पुलिस ने बरामद किया है।

देहरादून (ब्यूरो)। बीते 28 नवंबर को रेसकोर्स निवासी गुरमिंदर सिंह सरना थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत की थी कि सुबह 4.30 बजे सुबह की सैर को निकल रहे थे कि तीन लोगों ने उन्हें दबोच लिया और घर के अंदर ले जाकर बंधक बना दिया। असलहों के दम पर मारपीट की और हाथ-पैर बांधकर उनके घर से करीब 4 लाख रुपये नगद, इग्निस कार और 6 महंगी घडिय़ां लूट कर ले गये।

ऐसे पकड़ में आये लुटेेरे
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके 5 टीमों का गठन किया। टीमों ने वारदातस्थल के आस-पास और विभिन्न रास्तों के करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस जांच में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे। इस सुरागों के आधार पर पुलिस ने ट्यूजडे रात को एक आरोपी अतुल राणा को उसके गांव हसनपुर, मेरठ गिरफ्तार कर लिया। उससे की गई पूछताछ के आधार पर तीन अन्य आरोपियों सुशील कुमार, अमृत और दीपक को वेडनसडे सुबह आशारोड़ी से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से लूट का माल और अवैध हथियार बरामद किये गये।

अपहरण और फिरौती में भी शामिल
पुलिस के अनुसार इस गैंग ने दून की घटना से पहले नोएडा एक डॉक्टर का अपहरण कर 5 लाख की फिरौती भी वसूल की थी। इसके अलावा मण्णपुरम गोल्ड फाइनेंस से करीब 15 किलो सोने की लूट की थी। इन दोनों मामलों में आरोपी फरार चल रहे थे। अन्य राज्यों में भी आरोपियों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

मेेरठ से आकर की लूट
पुलिस की पूछताछ में लूट में मुख्य आरोपी सुशील कुमार ने बताया कि डेढ़ साल पहले वह रेसकोर्स में अपने दोस्त जितेन्द्र के पास आया था। जितेन्द्र के साथ उसके गांव का दीपक भी रहता था। जितेन्द्र के पड़ोस में सरदार गुरुविंदर सिंह सरना रहते थे। जितेन्द्र ने बताया कि सरदार के पास बहुत पैसा है और उसके आगे-पीछे कोई नहीं है। गुरविंदर के पास पैसा होने का पता चलते ही वह अपने पैसे की दूर करने की योजना बनाई। सुशील कुमार के अनुसार उसने अतुल नाम के व्यक्ति से संपर्क किया जो उसे मेरठ जेल में मिला था और पैसों की तंगी से जूझ रहा था। अतुल ने अपने एक दोस्त विशाल को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।

बस और ऑटो से पहुंचे रेसकोर्स
सुशील कुमार के अनुसार 25 नवंबर को उसने दीपक को अपने प्लान के बारे में बताया। फिर सभी लोग देहरादून आये और रेसकोर्स पेट्रोल पम्प के पास शराब पी। गाड़ी से ही घर की रेकी की और मेरठ चले गये। 27 की रात 09-10 बजे वह अपने चार अन्य साथियों के साथ खतौली दीपक की गाड़ी से आये और वहां से दीपक व अमृत को वापस भेज दिया। वहां से रोडवेज से आईएसबीटी आये। रात दो बजे ऑटो से सीएनजी पेट्रोल पम्प रेसकोर्स में उतर गये। उसके बाद वे गुरविंदर के घर के बाहर छिप गये। 4 बजे के करीब गुरविंदर बाहर निकाला तो उन्होंने उसे दबोच लिया और घर के अंदर ले जाकर डरा-धमका कर उसके घर से नकदी, एक रिवॉल्वर 6 घडिय़ां लूट ली। उसके बाद सरदारजी से गाड़ी की चाबी लेकर सीधे शामली पहुंचे। वहां पैसों का बंटवारा किया। उसने तीनों को डेढ़ लाख रुपये दिये और बाकी अपने पास रखे। उसके बाद वे गाड़ी में मनाली, रोहतांग गये और खूब अय्याशी की। इस दौरान सारे पैसे खर्च हो गये। तब सुशील ने दीपक और अमृत के साथ मिलकर दोबारा देहरादून में लूट की साजिश रची। वे फिर से लूटपाट करने देहरादून आ रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी
-सुशील कुमार पुत्र सत्यवीर सिंह उम्र- 38 निवासी ग्राम- दादरी थाना दौराला जिला मेरठ यूपी।
-अमृत उर्फ गुड्डू पुत्र रणवीर उम्र-34 वर्ष निवासी: अलीपुर मोरना,थाना हस्तिनापुर जिला मेरठ, यूपी
-दीपक कुमार महिपाल उम्र- 20 वर्ष निवासी दादरी थाना दौराला जिला मेरठ यूपी।
-अतुल राणा पुत्र प्रवीन कुमार निवासी हसनपुर गजापुर थाना सरुरपुर मेरठ यूपी।

Posted By: Inextlive