ऐसा लगता है कि दून जिल के कोतवाली डालनवाला व पटेलनगर क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से सबसे ज्यादा अनसेफ क्षेत्र हैं। यही कारण है कि यहां लोगों ने सुरक्षा के मद्देनजर शस्त्रों के लाइसेंस अलॉट करवाए हैं। लेकिन ठीक इसके उलट दून के कुछ सुदूरवर्ती ऐसे भी इलाके हैं जिनको सेफ माना जा रहा है। इनमें त्यूणी चकराता सेलाकुई और कालसी की गिनती की जा रही है।

देहरादून (ब्यूरो) लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। उत्तराखंड में 5 सीटों पर 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होने हैं। जाहिर है कि पुलिस व प्रशासन लाइसेंसी शस्त्रों को जमा करने पर जोर दे रहा है। इसी को देखते हुए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट को ये पता चला है कि दून जिले में 10716 लाइसेंसी शस्त्र अलॉट किए गए हैं। इन लाइसेंसी शस्त्रों का लोगों ने अपने सेफ्टी के लिए लाइसेंस आवंटन किया है। आंकड़ों के मुताबिक अलॉट लाइसेंसी शस्त्रों की संख्या में हर साल बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। लेकिन, पूरे जिले में सिटी कोतवाली क्षेत्र ऐसा इलाका है, जहां पर सबसे ज्यादा 2038 लाइसेंस अलॉट किए गए हैं। इसका कारण कोतवाली क्षेत्र में मार्केट, कारोबारी और सर्राफ व्यवसाय का शामिल होना भी है।

पहाड़ों की रानी मसूरी में भी खतरा
आंकड़ों के मुताबिक पहाड़ों की रानी मसूरी में भी जरूरतमंदों ने 210 लाइसेंसी शस्त्र अपने नाम आवंटित किए हैं। जबकि, सुरक्षा के लिहाज से मसूरी से पर्यटक स्थल को कभी सबसे ज्यादा सेफ जोन के तौर पर माना जाता रहा है।

इन इलाकों में ज्यादा लाइसेंस
बात जब दून शहर की करें तो कैंट, वसंत विहार, प्रेमनगर, डालनवाला, राजपुर, ऋषिकेश, विकासनगर, सहसपुर, नेहरू कॉलोनी भी अनेसफ क्षेत्रों में माना जाता है। यही कारण है कि यहां रहने वाले लोगों ने अपने नाम हथियारों की लाइसेंस जारी करवाए हैं।

थानेवार लाइसेंसी शस्त्र
कोतवाली--2038
कैंट--542
वसंत विहार--559
प्रेमनगर--235
डालानवाला--1210
नेहरू कॉलोनी--716
रायपुर--710
पटेलनगर--819
डोईवाला--739
क्लेमेंट टाउन--454
मसूरी--210
राजपुर--734
ऋषिकेश--439
रायवाला--119
रानीपोखरी--163
विकासनगर--370
सहसपुर--280
सेलाकुई--92
कालसी-147
चकराता--92
त्यूणी--48

लाइसेंसी शस्त्र में टॉप-5 थाना क्षेत्र
कोतवाली--2038
डालनवाला--1210
पटेलनगर--819
डोईवाला--739
राजपुर--734

लाइसेंसी शस्त्र में सबसे कम
त्यूणी---48
चकराता--92
सेलाकुई--92
रायवाला--119
कालसी--147

1580 हथियार जमा
लोकसभा चुनाव को देखते हुए अब लाइसेंसी शस्त्र को जमा करने पर पुलिस व प्रशासन जोर दे रहा है। जिससे चुनावों में किसी प्रकार की दिक्कत पैदा न हो। अब तक 10716 लाइसेंसी शस्त्रों में केवल 1580 लाइसेंस ही जमा हो पाए हैं। इसमें से भी 1578 शस्त्र पुलिस की ओर से जमा किए गए हैं।

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Posted By: Inextlive