एनआईए ने वेडनसडे को दून समेत बाजपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की. इनवेस्टीगेशन एजेंसी को अंदेशा था कि कुछ शस्त्र कारोबारी खालिस्तानी आतंकियों को कारतूस सप्लाई कर रहे हैं. जिन इलाकों में छापेमारी हुई उनमें दून के टर्नर रोड निवासी शस्त्र कारोबारी परीक्षित नेगी का आवास और यूएसनगर के बाजपुर निवासी शस्त्र कारोबारी शकील अहमद का आवास व प्रतिष्ठान शामिल रहे.

-खालिस्तानी आतंकियों को कारतूस सप्लाई करने की सूचना पर दून समेत व बाजपुर में हुई कार्रवाई
-दून के शस्त्र कारोबारी को गत वर्ष दिल्ली पुलिस ने किया था अरेस्ट, अभी चल रहा था जमानत पर

देहरादून (ब्यूरो): इस दौरान कारोबारियों से कई घंटों तक पूछताछ हुई। जांच के बाद परीक्षित नेगी और शकील अहमद के बेटे मोहम्मद आसिम को एनआईए ने हिरासत में लेकर दिल्ली रवानगी की। खास बात ये है कि परीक्षित नेगी को दिल्ली पुलिस ने गत वर्ष अवैध कारतूस सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और वह आजकल जमानत पर चल रहा था। वहीं, मोहम्मद आसिम को भी पंजाब के नाभा जेल कांड मामले में वर्ष 2016 में अरेस्ट किया था। वह भी जमानत पर था। बताया जा रहा है कि आसिम के आवास से एनआईए को तीन अवैध असलाह भी मिले हैं।

परीक्षित नेगी से पूछताछ
खालिस्तानी आतंकियों को लेकर भारत व कनाडा के बीच विवाद जारी है। इसी क्रम में वेडनसडे को एनआईए की टीम ने दून व ऊधमङ्क्षसह नगर में अचानक कार्रवाई की। दून के टर्नर रोड पर स्थानीय पुलिस के साथ एनआईए टीम ने शस्त्र कारोबारी परीक्षित नेगी से पूछताछ की। इस दौरान आवास भी टटोला। परिक्षित को गत वर्ष दिल्ली क्राइम ब्रांच दो हजार अवैध कारतूस के साथ अरेस्ट कर चुकी है। ये कारतूस नेगी की दून के फालतू लाइन स्थित शस्त्रों की दुकान रॉयल आम्र्स के नाम पर आवंटित हुए थे। इनवेस्टीगेशन में पता चला था कि नेगी कई कस्टमर्स के नाम पर कारतूस की सेल दिखाकर कारतूसों को अवैध तरीके से बेचता था। जांच में नेगी की आतंकियों के संपर्क में होने की सूचना मिली थी। इस दौरान दिल्ली पुलिस की जांच के बाद दून जिला प्रशासन ने परीक्षित की दुकान को सील कर दिया और उसका शस्त्र बेचने का लाइसेंस भी कैंसिल कर दिया था।

7 वर्ष पहले पकड़ा गया था
बाजपुर के ग्राम धनसारा में एनआईए ने शस्त्र कारोबारी शकील अहमद के घर के साथ प्रतिष्ठान पर रेड की। शकील का छोटा बेटा मोहम्मद आसिम अवैध रूप से हथियार सप्लाई करने के आरोप में 7 वर्ष पहले 2016 में पंजाब के नाभा पठानकोट में पकड़ा गया था। उसी दौरान नाभा जेल हमले की साजिश में आसिम की संलिप्तता की बात भी सामने आई थी। वह चार माह पूर्व ही जमानत पर रिहा हुआ था। वर्तमान में मुडिय़ा पिस्तौर, बाजपुर के ईदगाह मार्केट स्थित शकील अहमद के मैसर्स नक्श गन हाउस का संचालन उसका बड़ा बेटा मोहम्मद नाजिम करता है। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले शकील अहमद की शस्त्र दुकान से कुछ लोगों ने हथियार खरीदे थे, जो अब तक तिहाड़ जेल में बंद हैं। इसमें उसके छोटे बेटे मोहम्मद आसिम की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि एनआईए को मोहम्मद आसिम व परीक्षित नेगी के तार खालिस्तानी आतंकियों से जुड़े होने की आशंका है। इसी को देखते हुए एनआईए ने इन आरोपियों के ठिकाने खंगाले और गिरफ्तारियां की हैं।

dehradun@inext.co.in

Posted By: Inextlive