15 दिन में तैयार होगा लाइवलीहुड और रिफॉर्म का प्लान

Updated Date: Fri, 10 Jul 2020 08:36 AM (IST)

- सीएम टीएसआर ने सचिवालय में लाइवलीहुड को लेकर अफसरों के साथ की बैठक

- राजस्व बढ़ाने के लिए 10 दिन में प्लान बनाने के निर्देश, लोगों को आजीविका से जोड़ने के होंगे प्रयास

DEHRADUN: सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य में लाइवलीहुड (आजीविका ) की नई संभावनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम ने निर्देश दिये कि सभी विभाग 15 दिन में लाइवलीहुड प्लान एवं रिफॉर्म प्लान बनाकर मुख्य सचिव को अनुमोदन के लिए भेजे जाएं। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में राजस्व बढ़ाने के लिए भी 10 दिन में प्लान तैयार किया जाए।

रोजगार से जोड़ने के करने होंगे प्रयास

सीएम त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड-19 के बाद प्रदेश की आर्थिकी में सुधार लाने और लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने होंगे। लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए शॉर्ट, मिड और लॉग टर्म प्लान बनाकर कार्य करना होगा। हमारा पहला टारगेट कोविड-19 की वजह से जिन लोगों की आजीविका के संसाधन प्रभावित हुए हैं, उनके लिये विशेष प्रयास किये जाएं। सीएम ने कहा कि हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान देना होगा। उत्तराखण्ड में मेडिसनल और ऐरोमेटिक प्लांट्स की दिशा में अनेक संभावनाएं हैं। इन प्लांट्स पर कार्य के साथ वन और हॉर्टिकल्चर विभाग को फल, फूल, वनस्पति और बी-कीपिंग को बढ़ावा देने की जरूरत है।

स्थानीय उत्पादों को दें बढ़ावा

सीएम टीएसआर ने कहा कि हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना होगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना पर फोकस किया जाए। मेडिसनल और न्यूट्रिशन वेल्यू के आहारों को प्रमोट करने की जरूरत है। कृषि के क्षेत्र में क्लस्टर एप्रोच को बढ़ावा दिया जाए। प्रवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उनकी रूचि के क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोग स्वरोजगार करना चाहते हैं, उनको लोन लेने में समस्या न हो, इसके लिए बैंकों से समन्वय स्थापित किया जाए। लोगों की आजीविका के संसाधन बढ़ाने के लिए कृषि के साथ ही अन्य एक्टिविटी के लिए भी किसानों को मोटिवेट किया जाए। फार्मर सेन्ट्रिक एप्रोच पर और कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पर्यटन ऐसे क्षेत्र हैं, जो लोगों को तुरंत लाभ पहुंचा सकते हैं। त्योहारों और उत्सवों में स्थानीय उत्पादों को अधिक बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है।

योजनाओं का लोगों को मिले लाभ

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि कोविड-19 के कारण जो लोग उत्तराखण्ड वापस आये हैं, उनमें से कितने यहीं रहकर कार्य करना चाहते हैं, इसका सर्वे होना जरूरी है। लोगों को आजीविका से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्थाएं करनी होगी। केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं शुरू की गई हैं। हमें इनके क्रियान्वयन के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। मनरेगा के तहत रजिस्टर्ड गांव के लोगों की सूची को टारगेट किया जाए। लोगों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। इस दौरान अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक में सीएम के तकनीकी सलाहकार डॉ। नरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, सचिव आरके सुधांशु, अमित नेगी, राधिका झा, आर मीनाक्षी सुन्दरम, दिलीप जावलकर, सौजन्या, हरबंस सिंह चुघ, डॉ। रणजीत सिन्हा, अपर सचिव डॉ। एमएस बिष्ट आदि मौजूद रहे।

- सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में लाइवलीहुड की नई संभावनाओं को लेकर अफसरों के साथ की बैठक

- सभी विभागों को 15 दिन में लाइवलीहुड प्लान एवं रिफॉर्म प्लान बनाकर सीएस को भेजने के निर्देश

- प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में राजस्व बढ़ाने के लिए 10 दिन में तैयार किया जाए प्लान

- प्रदेश की आर्थिकी में सुधार लाने और लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़े लेवल पर करने होंगे प्रयास

- लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए शॉर्ट, मिड और लॉग टर्म प्लान बनाकर करना होगा काम

- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर ध्यान

- उत्तराखण्ड में मेडिसनल और ऐरोमेटिक प्लांट्स पर करनी होगी रिसर्च

- फॉरेस्ट और हॉर्टिकल्चर विभाग को फल, फूल, वनस्पति और बी-कीपिंग को बढ़ावा देने की जरूरत

- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग पर देना होग ध्यान

- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना पर फोकस

- मेडिसनल और न्यूट्रिशन वेल्यू के आहारों को प्रमोट करने की जरूरत, क्लस्टर एप्रोच को दिया जाए बढ़ावा

- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए

- लोन लेने में न हो समस्या, इसके लिए बैंकों से किया जाए समन्वय

- कृषि के साथ ही अन्य एक्टिविटी के लिए किसानों को किया जाए मोटिवेट, फार्मर सेन्ट्रिक एप्रोच पर और कार्य करने की जरूरत है

- त्योहारों और उत्सवों में स्थानीय उत्पादों को अधिक बढ़ावा देने की जरूरत

- कोविड-19 के कारण वापस लौटे लोगों में कितने यहीं रहकर करना चाहते हैं काम, इसका हो सर्वे

- लोगों को आजीविका से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग की करनी होगी व्यवस्थाएं

- केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाएं के क्रियान्वयन के लिए मिलकर करने होंगे प्रयास

- लोगों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मिलकर करने होंगे प्रयास

Posted By: Inextlive
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