दो दिन तक इंतजार के बाद आखिरकार आपदा प्रभावित सरखेत गांव में मलबे में दबे लोगों को निकालने के प्रयास शुरू हो गये हो गये हैं। बादल फटने से 19 अगस्त की रात को यहां एक घर का बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया था। घर में 5 सदस्य उसी दिन से लापता हैं। पांचों के मलबे में दबे होने की आशंका है। भारी संख्या में मलबा भर जाने से यहां पोकलैंड मशीन की जरूरत महसूस की जा रही थी लेकिन सभी रास्ते टूट जाने के कारण पौकलैंड मशीन का घटनास्थल तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में मबले में दबे लोगों को तलाशने का काम शुरू नहीं हो पाया था। मंडे सुबह आखिरकार पोकलैंड मशीन मौके पर पहुंंच गई और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।

देहरादून ब्यूरो। डीएम सोनिका के अनुसार सरखेत में लापता लोगों की तलाशने के लिए संभावित जगहों से मलबा हटाया जा रहा है। आपदा पीडि़तों की बातों को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन हर स्तर पर राहत एवं बचाव तथा खोजबीन कार्य में जुटी है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में रखा गया है और क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी लगातार कंट्रोल रूम में अपडेट की जा रही है।

7 लोगों की तलाश
जिला प्रशासन के सर्च अभियान के तहत आपदा में लापता हुए भैंसवाड़ा और सरखेत में 7 लोगों की तलाश की जा रही है। 3 घायलों इलाज मैक्स और 2 का हिमालयन हांॅस्पिटल में चल रहा है। 16 प्रभावित परिवारों को जूनियर हाईस्कूल मालदेवता में शिफ्ट किया गया है। उनके खाने और अन्य व्यवस्था जिला प्रशासन एवं जिला पूर्ति विभाग के माध्यम से की जा रही है।

ये विभाग मौके पर तैनात
संडे को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने सरखेत गांव का दौरा किया था। वहां तब तक व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रही थी, यहां तक कि लापता लोगों को तलाशने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा था। फिलहाल जिला प्रशासन ने मंडे को सर्च और राहत अभियान तेज कर दिया है। बांदल नदी की धार को काटकर पोकलैंक मशीन के साथ ही अन्य सामग्री गांव में पहुंचाई गई है। मंडे को एनडीआरफ, एसडीआरफ और पुलिस के अलावा रेवन्यू, हेल्थ, वेटनरी, सिंचाई, जिला पंचायत, पीब्ल्यूडी आदि विभागों के अधिकारी और कर्मचारी में राहत कामों जुट गये हैं। प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों को कच्चा राशन, गैस सिलेंडर, चूल्हा, कपड़े, फोल्डिंग पलंग, गद्दे आदि वितरित किये जा रहे हैं। जो लोग कैंप तक नहीं पहुंच पा रहे उन्हें पका हुआ भोजन घर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

पोस्टमार्टम टीम भी मौके पर
डीएम ने सीएमओ को सरखेत में मेडिकल टीम तैनात रखने और रेस्क्यू आपरेशन के दौरान शव बरामद होने की संभावनाओं को देखते हुए मौके पर ही पोस्टमार्टम टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जानवरों और शवों के सडऩे के कारण बीमारियां फैलने की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में दवाइयों का छिड़काव करने और लोगों के स्वास्थ्य के जांच करने के लिए भी कहा गया है।

Posted By: Inextlive