कोविडकाल से पहले कभी स्मार्ट सिटी में शहरवासियों व देशभर से दून पहुंचने वाले टूरिस्ट को स्मार्ट पार्किंग की सुविधा मिला करती थी। वाहन चालक व मालिकान घर बैठे या अपनी गाड़ी में ही सिटी के किसी भी एरिया में अपनी पार्किंग की ऑनलाइन बुकिंग करवा लिया करते थे। लेकिन कोविडकाल में ये पार्किंग की सुविधा कहां गई पता नहीं चला पा रहा है।

देहरादून (ब्यूरो)। कोविडकाल से पहले राजधानी में अस्त-व्यस्त पार्किंग की सुविधा के लिए एमडीडीए ने नगर निगम व ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से स्मार्ट पार्किंग की शुरुआत की थी। इसके लिए ब्रिडकुल को जिम्मेदारी सौंपी गई। ब्रिडकुल ने भी दिल्ली की एक एजेंसी से स्मार्ट पार्किंग की शुरुआत की। 2019 में ब्रिडकुल को बेहतर रिस्पांस भी मिला। उस वक्त पूरे वर्ष में पांच लाख से अधिक गाड़ियां पार्क हुई। लोगों को जानकारी मिलने के बाद अवेयर हो रहे थे। सुबह शाम हर स्मार्ट पार्किंग प्लेसेस पर पार्किंग फुल हुआ करती थी। लेकिन, जैसे ही 2020 में कोरानाकाल आया, स्मार्ट पार्किंग भी फुस्स हो गई। तब से लेकर अब शुरू नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि ब्रिडकुल भी अब इच्छुक नहीं है। इसकी वजह जिस कंपनी को संचालन के लिए ब्रिडकुल ने जिम्मा सौंपा था, वह घाटा होने की बात कह रहा है। ब्रिडकुल के एक अधिकारी ने बताया कि अब स्मार्ट पार्किंग की संभावनाएं कम लग रही हैं। वहीं, एमडीडीए के अधिकारी भी इस प्रोजेक्ट पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

यह था पार्किंग मैनेजमेंट
-30 परसेंट रेवेन्यू जाना था एमडीडीए के खाते में।
-स्मार्ट पार्किंग के लिए एमडीडीए, नगर निगम व ब्रिडकुल की बीच था एमओयू साइन।
-स्मार्ट पार्किंग यानि ऑन स्ट्रीट पार्किंग अब हो चुकी है ऑफ ट्रैक।
-वर्ष 2019 में तो दून के आधे दर्जन से ज्यादा लोकेशन पर रोज 500 से 600 गाड़ियां होती थी पार्क।
-नगर निगम, एमडीडीए, नगर निगम के साथ ट्रैफिक पुलिस की भी थी मंजूरी।

शुरू करने में छूटे थे पसीने
राजधानी में स्मार्ट पार्किंग शुरू करने में पसीने छूट गए थे। नया व अभिनव प्रयास के बीच लोगों को शुरुआत में उस वक्त जानकारी कम थी। लोग पार्किंग के लिए फीस भरने पर लड़ने-झगड़ने तक उतारू हो जाते थे। हालांकि, बाद में प्रोजेक्ट रन करने लगा था। लेकिन, कोरोनाकाल से अब तक स्मार्ट पार्किंग शुरू नहीं हो पाई, अब संभावनाएं भी कम लग रही हैं।

पार्किंग की ये दरें थीं तय
-20 से लेकर 55 रुपए तक।
-टू-व्हीलर के लिए 1 घंटे का 20 रुपए
-3 घंटे के लिए 30 रुपए।
-फोर व्हीलर के लिए 1 घंटे का 30 रुपए।
-3 घंटे के लिए 55 रुपए थे निर्धारित।

कई स्थान थे चिन्हित
स्मार्ट पार्किंग शुरू होने से पहले विभागों की ओर से पूरे सिटी में 28 स्थान चिन्हित किए गए थे। शहर में हर सड़क के दोनों ओर स्मार्ट पार्किंग को लेकर फिजिबिलिटी देखी गई थी। जिसकी शुरुआत सबसे पहले घंटाघर पर जीपीओ के सामने से हुई। इसके लिए हर स्थानों पर ऑन स्ट्रीट पार्किंग के बोर्ड लगाए भी गए थे। जिस वक्त स्मार्ट पार्किंग शुरू हुई उस वक्त गूगल प्ले से मोबाइल एप दून स्मार्ट पार्किंग खूब डाउनलोड भी किया गया। पार्किंग के भुगतान के लिए ई-मशीन की व्यवस्था की गई थी। कुछ पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे तक लगाए गए थे।

Posted By: Inextlive