भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सरकार ने सोलर एनर्जी पर फोकस किया है। दरअसल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पर आपत्तियों के चलते तमाम तरह की दिक्कतें फेस की जा रही है।

- सोलर पावर को बढ़ावा देने से खुलेंगे स्वरोजगार के द्वार

देहरादून (ब्यूरो): कई सालों से प्रोजेक्ट्स पर हाईकोर्ट में रोक लगी है। लंबे समय से कोई नया पावर प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ है। इसके बाद सरकार ने सोलर पावर प्लांट लगाने को कसरत तेज कर दी है। इसके लिए सोलर नीति में बदलाव किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सरकार नहरों के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इस पावर प्लांटों को प्राइवेट पब्लिक पार्टनर (पीपीपी) मोड में चलाया जाएगा। नहरों के किनारे हजारों हेक्टेयर भूमि बेकार पड़ी हुई है। जिसका यूज सोलर पावर प्लांट उत्पादन के लिए करने का निर्णय लिया गया है।

अगले 15 साल की जरूरत के हिसाब से लगेंगे प्रोजेक्ट्स
सरकार अगले 15 साल तक की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचवि डॉ। एसएस संधू ने बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश कि अगले 15 साल में ऊर्जा खपत दोगुनी से अधिक होने की संभावना है। इसलिए ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सोलर पावर प्लांट को प्रोजेक्ट्स बनाए जाएं। साथ ही प्रोजेक्ट्स की डीपीआर तैयार करने के टाइमलाइन भी निर्धारित करने को भी कहा है। उन्होंने निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

डीपीआर और लाइन अलाइनमेंट की प्लानिंग शुरू
सीएस डॉ। एसएस संधू ने बताया कि अफसरों को नई बिजली लाइन के अलाइनमेंट और विद्युत सब स्टेशनों के निर्माण की प्लानिंग अभी से शुरू करने को कहा गया है। दरअसल बिजली जरूरतों के साथ ही विद्युत सब स्टशनों की जरूरत होगी। इसके लिए अभी से अधिकारियों को प्लानिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रीन सोलर पैनल का होगा प्रोडक्शन
अब राज्य में भी ग्रीन सोलर पैनल का प्रोडक्शन होगा। इससे जहां सोलर एनर्जी को नया आयाम मिलेगा वहीं कंज्यूमर्स को कम दाम पर सोलर पैनल उपलब्ध हो सकेंगे। उद्योग विभाग के निदेशक एससी नौटियाल ने बताया कि पंतनगर और सितारगंज में सोलर पैनल प्लांट लगाने की सरकार ने स्वीकृति दी है। पंतनगर में सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में लुमिनस कंपनी को 12 एकड़ जमीन लीज पर दी गई है। जबकि सितारगंज में 8 एकड़ भूमि देन की प्रक्रिया चल रही है। इन प्लांटों पर 200 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे प्रदेश में सोलर एनर्जी की गति तेजी से बढ़ जाएगी। खास बात यह है कि इससे रोजगार भी सृजित होंगे।

सीएम सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना शुरू
सोलर पावर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। योजना के माध्यम से बंजर जमीन को लीज पर लेकर 25 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसका मकसद राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ठोस सोलर नीति बनाई जा रही है। सरकार का फोकस है कि प्रदेश में सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उत्पादन हो, ताकि इससे युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सके।
आर.मीनाक्षी सुंदरम, ऊर्जा सचिव
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