शीतलहर और बर्फ के बीच केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज के मौके पर सुबह साढ़े आठ बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं. इस अवसर पर पूरे मंदिर को भव्य तरीके से फूलों से सजाया गया था.

देहरादून(ब्यूरो) केदारनाथ व यमुनोत्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के समय हजारों यात्री इस क्षण का गवाह बने और सेना के भक्तिमय धुनों के साथ पूरी केदारपुरी नम: शिवाय के उदघोषों से गूंजायमान रही। कपाट बंद होने के मौके पर बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हो रहा है। इधर, यमुनोत्री धाम के भी कपाट विधि-विधान के साथ बंद हुए।


साढ़े 8 बजे पूरब द्वार किया बंद
वेडनसडे को ब्रह्ममुहुर्त में केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले। मंदिर में नित्य पूजा-अर्चना व दर्शनों के बाद कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत स्वयंभू शिवलिंग से श्रृंगार अलग कर केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में पुजारी शिवलिंग ने समाधि रूप दिया गया। साढ़े छह बजे मंदिर गर्भ गृह में समाधि पूजा समापन की गयी। उसके बाद मंदिर के अंदर सभामंडप में स्थित छोटे मंदिरों को भी बंद किया गया। इसके बाद साढ़े आठ बजे केदारनाथ मंदिर के दक्षिण द्वार और फिर पूरब द्वार को भी बंद किया गया।


केदारनाथ ने बनाया रिकॉर्ड
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम ने यात्रियों के लिहाज से नया रिकॉर्ड बनाया। फस्र्ट टाइम यात्रा सीजन में 19.55 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंचे। यह लास्ट इयर की तुलना में 4 लाख ज्यादा है। वहीं घोड़ा-खच्चर संचालकों ने भी करीब 1.25 अरब का कारोबार किया है।

::केदारनाथ यात्रा पर एक नजर::
-बीती 25 अप्रैल को खुले थे केदारनाथ धाम के कपाट।
-इस बार यात्रा सीजन में 19.55 लाख से ज्यादा यात्री पहुंचे।
-टेंपल कमेटी, व्यापारियों, घोड़े-खच्चर, डंडी कंडी, हवाई सेवा ने भी कमाई की।
-इस बार 9,096 घोड़े-खच्चरों का किया गया था रजिस्ट्रेशन।
-वहीं 4, 845 श्रमिकों व 234 हाकरों का भी रजिस्ट्रेशन।
-अकेले घोड़े-खच्चरों से 5,53,377 यात्री केदारनाथ पहुंचे।
-यात्रा के दौरान 141 घोड़े-खच्चरों की भी हुई मौत।
-ऐसे ही तमाम यात्रा पड़ावों से कंडी से 33721 यात्री केदारनाथ पहुंचे।
-इनसे करीब 20.23 करोड़ का कारोबार हुआ।
-पालकी से 20,730 यात्री धाम पहुंचे, 20.73 करोड़ का कारोबार हुआ।
-इस वर्ष 1814772 यात्री पैदल मार्ग से बाबा के दर्शन को पहुंचे।

हवाई सेवा की रही मारामारी
कुल 140641 यात्री हेली सेवा से केदारनाथ पहुंचे। बदले में हेली कंपनियों ने करीब 91.41 करोड़ का कारोबार किया। हालांकि, गत वर्ष की तुलना में अबकी बार हेली सेवा से केदारनाथ दर्शन को 11 हजार यात्री कम पहुंचे है।

जिला पंचायत ने कमाए 4 करोड़
यात्रा सीजन में इस बार जिला पंचायत रुद्रपयाग ने करीब 4.58 करोड़ की कमाई की। जिसमें व्यवस्था शुल्क, लाइसेंस फीस, टोकन कलेक्शन व चालान से 2.76 करेाड़ शामिल रहा। सीतापुर प सोनप्रयाग पार्किंग से 1.82 करोड़ की इनकम पंचायत ने की।

आदि केदारेश्वर व शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के दूसरे दिन वेडनसडे को पूजा-अर्चना के साथ श्री आदि केदारेश्वर मंदिर व आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद हो गए हैं। वहीं, गौरीकुंड में स्थित गौरा माई के कपाट भी वैदिक मंत्रोच्चारण व पौराणिक रीति रिवाजों के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।

Posted By: Inextlive