सरकार बनने बाद काबू में आएंगे दाम

2014-05-11T07:01:14Z

-लाखों रुपए का माल खराब होने से आक्रोशित हैं सब्जी व्यापारी

-मुंडेरा मंडी में नहीं उतरा माल, कौड़ी के भाव बिकीं पुरानी सब्जियां

लाखों रुपए का माल खराब होने से आक्रोशित हैं सब्जी व्यापारी

-मुंडेरा मंडी में नहीं उतरा माल, कौड़ी के भाव बिकीं पुरानी सब्जियां

vineet.tiwari@inext.co.in

ALLAHABAD: vineet.tiwari@inext.co.in

ALLAHABAD: वर्तमान में जो परिस्थितियां हैं, उसका साल्यूशन सिर्फ नई सरकार दे सकती है। आज तक आपको भले ही सब्जी का रेट थोड़ी राहत देने वाला रहा हो, आगे भी ऐसा रहेगा, इसकी संभावना भी कम है। कारण है मुंडेरा सब्जी मंडी पर प्रशासन का कब्जा। ईवीएम की सिक्योरिटी के नाम पर पहली बार मंडी को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। नतीजा है पहले से बुक माल को व्यापारी औने-पौने दाम पर निकाल रहे हैं और नए आर्डर पर सप्लाई रोकवा दी है। यह स्थिति मंडी फिर से गुलजार होने के बाद ही बदलेगी।

एक झटके में लाखों का नुकसान

सात मई को मुंडेरा मंडी में ईवीएम रखकर उसे सील कर दिया गया। पहले से जानकारी नहीं होने से व्यापारियों की लाखों रुपए कीमत की सब्जी मंडी में फंस गया। माल डंप होने से दो दिन में थोक व्यापारियों को रीबन म्0 लाख की चपत लग चुकी है। व्यापारियों की मानें तो प्याज, टमाटर, आलू सहित क्विंटलों सब्जियों के सड़ने की संभावना को देखते हुए इसे औने-पौने दामों में बेचा जा रहा है। रखने की जगह नहीं है। खराब माल को सड़क पर फेंक दिया गया है। इससे इस एरिया में बीमारियों के फैलने का भी खतरा हो गया है। माल खराब होने से पहले इसे बेचने की होड़ शनिवार को लगी रही। हालात यह थे कि खुद लोगों को भरोसा नहीं था कि इतने कम दाम कैसे हो गए। व्यापारियों का कहना था कि बचा माल निकालना उनकी मजबूरी है। नया माल क्म् मई को काउंटिंग के बाद ही मंगाएंगे।

शनिवार को नहीं उतरा माल

मंडी बंद हो जाने के बाद फिलहाल व्यापारी अपना पुराना माल जीटी रोड और टीपी नगर में बेच रहे हैं। माल उतारने की जगह नहीं होने से आढ़तियों ने शनिवार को ही बाहर से आने वाले माल पर रोक लगा दी। बता दें कि मुंडेरा मंडी में मध्यप्रदेश, पश्चिमी यूपी, आंध्र प्रदेश सहित देश के कोने से सब्जियां आती हैं। यहीं से इसे शहर की दूसरी मंडियों समेत आसपास के शहरों में भेजा जाता है।

शनिवार को ये रहे सब्जियों के दाम

सब्जी इन दामों पर बिकीं एक्चुअल रेट

आलू क्क् क्7

प्याज भ् क्0

लहसुन क्000 प्रति क्विंटल फ्000 प्रति क्विंटल

कद्दू ख् ब्

टमाटर ख् से फ् भ् से 8

मिर्चा फ् 7

गोभी 8 क्भ्

लौकी ख् भ्

तरबूज फ् से ब् 8

भिंडी 8 क्भ्

नेनुआ 8 क्भ्

क्ख् से शुरू होगी क्राइसिस

पुराना माल खत्म हो जाने के बाद सब्जियां लोगों की जेबें ढीली करेंगी। व्यापारियों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के अनुसार क्ख् मई से सब्जी व्यापार ठप हो जाएगा। नया स्टाक बुक कराने और उसकी डिलीवरी में आठ दिन तक लग जाएंगे। ऐसे में इस महीने के अंत तक सब्जियां चार से पांच गुने दामों पर बिकें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। बता दें कि मंडी में प्याज नासिक और इंदौर, लहसुन कोटा, अदरक गुवाहाटी, टमाटर कानपुर, आगरा व कन्नौज और हरी सब्जियां आंध्र प्रदेश से भी आयात होती हैं। शादियों के सीजन में इसका दाम बढ़ना तय है।

दिनभर जाम, पब्लिक भी परेशान

मंडी के अंदर से सड़क पर सब्जी व्यापार होने से टीपी नगर के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो दिनों से इस इलाके में सुबह से शाम तक जाम लग रहा है। गंदगी के चलते लोगों का चलना दुश्वार है। आवारा जानवरों का जमावड़ा हर वक्त लगा रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यही हालात कुछ दिन और रहे तो बीमारियां फैलने का खतरा है।

-दूसरे प्रदेशों से माल आने में टाइम लगता है। जो आ चुका है उसे सस्ते दामों पर बेच रहे हैं और नई आवक के लिए मना कर दिया गया है।

अजय कुमार कुशवाहा, सब्जी व्यापारी

-बिना सूचना के हमें मंडी से बाहर कर दिया गया। इससे बड़ा नुकसान हुआ है।

कमर अली, सब्जी व्यापारी

-पहले ईवीएम की बैरिकेडिंग कर हमें आधी मंडी व्यापार के लिए दे दी जाती थी। इस बार ऐसा नहीं है, जिससे माल उतारने की जगह नहीं मिल रही है।

पंडित जी, सब्जी व्यापारी

-बाहर से आने वाले माल को रोक दिया है। अब यह इलेक्शन के बाद आएगा। क्राइसिस होने से सब्जियों के दाम बढ़ेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।

दिलीप सिंह लोधी, सब्जी व्यापारी

-आज पब्लिक सब्जी आधे दाम पर खरीद रही है। दो दिन बाद यही सब्जी महंगी हो जाएगी। सबसे बड़ी मंडी बंद हो जाएगी तो महंगाई बढ़ना तय है।

संगम लाल तिवारी, सब्जी व्यापारी

-व्यापारी परेशान हैं। पानी पीने की व्यवस्था नहीं है। खुली सड़क पर पड़े माल की सुरक्षा रात में कैसे की जाएगी। क्विंटलों सब्जियां सड़ गई हैं।

मदन पटेल, सब्जी व्यापारी

-सड़क पर मंडी लगने से दो दिनों से भीषण जाम लग रहा है। गंदगी फैल रही है सो अलग। पैदल चलना दुश्वार है।

नीलू जायसवाल, स्थानीय निवासी

-मंडी सचिव ने व्यापारियों को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि ईवीएम रखने के बाद आधी मंडी में व्यापार करने दिया जाएगा। बाद में पता चला कि पूरी मंडी सील हो गई है। हमारी रिक्वेस्ट पर उन्होंने जिला प्रशासन से बात भी नहीं की। मुंडेरा मंडी के बंद हो जाने का फायदा शहर की अवैध लोकल मंडियों को हो रहा है और पब्लिक पर आने वाले दिनों में महंगाई का बोझ भी पड़ेगा।

सतीश कुमार कुशवाहा,

अध्यक्ष, हरी सब्जी मुंडेरा मंडी समिति


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