'इमेज' से बेनकाब होंगे पत्थरबाज

Updated Date: Sun, 07 Apr 2019 06:00 AM (IST)

वंदे भारत एक्सप्रेस पर हो रही पत्थरबाजी को लेकर रेलवे हुआ सीरियस

इनर के बाद आउटर साइड में भी लगाये गये सीसीटीवी कैमरे, कैप्चर होगा बाहर का सीन

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PRAYAGRAJ: देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी करने वालों की अब खैर नहीं है. एक-एक पत्थरबाज की पहचान होगी. उस इलाके की शिनाख्त होगी जहां पत्थरबाजी होगी. पत्थरबाजों की पहचान के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के अंदर ही नहीं, अब बाहर भी सीसी टीवी कैमरे लगा दिए गए हैं. यह पूरी कवायद पत्थरबाजों से निबटने के साथ ट्रेन के पैसेंजर्स को पूर्ण सुरक्षा का एहसास कराने के लिए की गयी है.

आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगे

बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस पर संचालन शुरू होने के चंद दिनो बाद ही ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की शिकायतें आने लगी थीं. बढ़ती शिकायतों के चलते रेलवे ने नई दिल्ली से लेकर वाराणसी तक पूरे रेल रूट के लिए एलर्ट जारी कर दिया है. कड़ी सुरक्षा में वंदे भारत एक्सपे्रस को गुजारा जा रहा है. पत्थरबाजों की पहचान के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के बाहरी हिस्सों में आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं. आरपीएफ व रेलवे स्टॉफ द्वारा जो इलाके पत्थरबाजी के लिए चिह्नित किए गए हैं, वहां रोकने के लिए स्थानीय लोगों की काउंसिलिंग कराई जा रही है. झोपड़ पट्टियों में रहने वाले बच्चों को चॉकलेट बांटे जा रहे हैं.

आधा दर्जन से अधिक हो चुके हमले

15 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी.

पहले ट्रायल से लेकर अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस पर आठ बार पत्थरबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं

ऑफिशियल इनॉगरेशन के एक सप्ताह बाद ही 22 फरवरी को वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव हुआ था

इससे एयरोडायनामिक नाक (जिस पर स्टील का आवरण बना होता है) क्षतिग्रस्त हो गया था

इसके बाद एक बैल उसके सिर से टकरा गया.

एक दिन बाद, गिट्टी उड़ने के बाद चालक की विंडस्क्रीन और कुछ डिब्बों की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं.

पत्थरबाजी की वजह से वंदे भारत एक्सप्रेस के 12 विंडो ग्लासों को बदला जा चुका है.

17 मार्च को पथराव की एक और घटना हुई थी, जो वंदे भारत एक्सप्रेस के बाहरी हिस्से में लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गई थी.

जिसकी मदद से उस स्थान की पहचान हुई, जहां से पत्थर फेंके गए थे.

वंदे भारत एक्सप्रेस का कॉमर्शियल रन शुरू होने के बाद से पथराव की बार-बार होने वाली घटनाओं के कारण, भारतीय रेलवे ने ट्रेन के बाहरी हिस्से में कैमरे लगाए हैं. इसकी मदद से पत्थरबाज आसानी से पकड़े जा सकेंगे. जगह भी आसानी से ट्रैक हो जाएगी. पैसेंजर्स सेफ्टी रेलवे की पहली प्राथमिकता है.

अमित मालवीय

पीआरओ, एनसीआर

Posted By: Vijay Pandey
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