बदल जाएगा नजारा दशाश्वमेध घाट पर बनेगा टूरिस्ट प्लाजा

2019-07-15T11:01:03Z

-राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण से मिली हरी झंडी

- 28 करोड़ की लागत से 26 हजार वर्गफीट एरिया में तैयार होगा तैयार

गंगा और घाटों की खूबसूरती निहारने के लिए देश-दुनिया से आने वालों के लिए खुशखबरी है। उनके लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण दशाश्वमेध घाट पर टूरिस्ट प्लाजा बनाने जा रहा है। 28 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लाजा के लिए राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने भी मंजूरी दे दी है। हाई कोर्ट से परमिशन लेकर बहुत जल्द इसे योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

सुविधाएं से होगा लैस

मान महल से चंद कदम की दूरी पर दशाश्वमेध घाट किनारे पर 26 हजार वर्गफीट एरिया में बनने वाले टूरिस्ट प्लाजा बेतहतरीन सुविधाओं से लैस होगा। वीडीए के प्लान के मुताबिक 28 करोड़ के इस तीन मंजिला वातानुकूलित प्लाजा में पर्यटकों के लिए लॉज व माडर्न कैफेटेरिया के साथ ही बनारस से परिचित कराने वाली पुस्तकों की लाइब्रेरी, सूचना केंद्र, पार्किग आदि की सुविधाएं होंगी।

26 घाटों का बदलेगा नजारा

पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 18 करोड़ रुपये से काशी के 26 घाटों को सजाने-संवारने का काम भी टूरिस्ट सीजन शुरू होने तक पूरा हो जाने की संभावना है। अधिकारियों की माने तो 11 करोड़ से घाटों पर लाइटिंग का काम पूरा होने वाला है।

काशी से क्योटो की ओर

बनारस में पर्यटन से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र सरकार का सबसे ज्यादा फोकस है। राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि काशी को क्योटो बनाने का पीएम मोदी का समना जल्द सकार हो जाएगा। एक तरफ विश्वनाथ कॉरीडोर तो दूसरी ओर गोदौलिया दशाश्वमेध मार्ग को लंदन स्ट्रीट की तरह बनाने की तैयारी और अब टूरिस्ट प्लाजा की कवायद क्योटो का ही संकेत है।

लंदन स्ट्रीट की तर्ज पर बनेगा मार्ग

गोदौलिया-दशाश्वमेध मार्ग को लंदन स्ट्रीट की तर्ज पर विकसित करने का रास्ता भी साफ हो गया है। यहां अगले माह से काम शुरू हो जाएगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने सात करोड़ रुपये जारी किए हैं। मार्ग में पत्थरों की नक्काशीदार रेलिंग, पोल और खूबसूरत लाइटिंग के बीच चमचमाती चौड़ी सड़क दिखेगी। साफ सुथरे फुटपाथ के किनारे जगह-जगह टेलीफोन बूथ, बॉयो टॉयलेट और डस्टबिन के अलावा शुद्ध पेयजल के लिए वॉटर वेडिंग मशीन लगाई जाएगी। इसके बाद अक्टूबर से गंगा की लहरों पर दस करोड़ की स्टोरी टेल क्रूज तैरने लगेगी। बहुत जल्द ही हेलिकॉप्टर से काशी दर्शन सेवा भी शुरू होने की संभावना है।

घाटों पर लाइटिंग का काम लगभग पूरा होने वाला है। सैलानियों को गंगा की सैर कराने के लिए गोवा शिपयार्ड में तैयार हो रहा शाही क्रूज भी अक्टूबर तक पहुंच जाएगा। अगले माह से गादौलिया-दशाश्वमेध सुंदरीकरण का काम भी शुरू होगा।

अविनाश चंद्र मिश्र, संयुक्त निदेशक-पर्यटन विभाग


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