किराए पर लग्जरी गाड़ियां लेकर हो जाता था फरार पुलिस ने धरदबोचा तो खुला राज

2019-05-13T13:40:13Z

लखनऊ में एक आर्मी मैन की पत्नी से छीनी गई इनोवा गाड़ी बरामद हो गई है। पकड़े गये आरोपियों में एक छात्रनेता भी शामिल है। पता चला है कि ये गुट शहर में दो करोड़ों रुपये से ज्यादा की हेराफेरी को अंजाम दे चुका है।

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LUCKNOW: गोसाईगंज पुलिस ने रविवार को एक ऐसे गैंग को दबोचा है जो शहर में लग्जरी गाडि़यों के शौकीनों और सूद पर पैसा देने वालों को अपना शिकार बनाता था. जालसाज फर्जी तरीके से लग्जरी गाडि़यों को फाइनेंस करा कर उन्हें गिरवी रखकर मोटी रकम उठा रहे थे. वहीं किश्त न जाम होने पर फाइनेंस कंपनी कार बरामद के लिए कार यूजर के खिलाफ केस दर्ज कर रही थी. गैंग में ट्रैवल्स एजेंसी मालिक समेत एक छात्र नेता भी शामिल है. आरोपियों के पास से एक आर्मी मैन की पत्नी से हड़पी इनोवा कार भी बरामद हुई है.

 

आर्मी मैन की पत्नी से हड़पी थी कार

गोसाईगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि गोसाईगंज के माडरमऊ की आर्मी मैन की पत्नी शीला यादव से कुछ दिन पहले एक ट्रैवल एजेंट फहीम ने उनकी इनोवा गाड़ी किराए पर चलवाने के लिए ली थी. ट्रैवल एजेंट ने हर माह मोटा किराया देने का लालच दिया था. लालच में आकर शीला यादव ने इनोवा गाड़ी उसको दे दी थी. इसके बाद ट्रैवल एजेंसी संचालक ने गाड़ी को गोरखपुर निवासी अभिषेक श्रीवास्तव और उसके साथी उन्नाव निवासी शेखर द्विवेदी के हवाले कर दी थी. वहीं आरोपियों ने शीला यादव की गाड़ी हड़पने के साथ एक भी माह का किराया उनको नहीं दिया. उन्होंने कई बार किराये और अपनी गाड़ी वापस लेने का प्रयास किया. इस पर उन्होंने गोसाईगंज थाने में फहीम समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.

 

छात्र नेता समेत कई गैंग के मेंबर

पुलिस के अनुसार अभिषेक और उसके साथी ने इस तरह ठगी का पूरा नेटवर्क बना रखा था. रविवार को गोसाईगंज पुलिस ने सर्विलांस की मदद से शहीद पथ पुल के नीचे से आरोपी गोरखपुर निवासी अभिषेक श्रीवास्तव, उन्नाव निवासी शेखर द्विवेदी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने उनके पास से शीला देवी की इनोवा भी बरामद की. इंस्पेक्टर गोसाईगंज ने बताया कि अब इस मामले में ट्रैवल एजेंट फहीम की तलाश की जा रही है. आरोपी शेखर द्विवेदी ओमेक्स रेजीडेंसी में रहता है और उन्नाव में छात्र राजनीति से जुड़ा है.

 

करोड़ों हड़पने के केस हैं दर्ज

गोसाईगंज पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला कि अभिषेक इस तरह लोगों की गाडि़यां किराए पर चलवाने के नाम पर लेकर गाड़ी हड़प कर इधर-उधर गिरवी रखकर लोगों से रुपये हासिल कर लेता है. बीते 10 मार्च को अभिषेक, अनुराग और शैलेश ने गोरखपुर के दुर्गेश यादव, गुड्डू राय, राजेश राय, शैलेश यादव, अजय यादव, रिंकू यादव, चंपन पांडेय, लव पांडेय, दीपक पांडेय और सूर्यभान से फाच्र्यूनर और इनोवा बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये ठगे. आरोपियों ने रुपये लेकर किसी को भी गाड़ी नहीं दी थी. 3 मई को गोरखपुर के खोराबार थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

 

इंदिरानगर से हड़पी थी 7 लग्जर गाडि़यां

आरोपी अभिषेक ने इंदिरानगर के खुर्रमनगर निवासी राजन ट्रैवल्स संचालिका जसमीन खान से 7 लग्जरी गाडि़यां किराये पर ली थी. दो माह तक उसने सभी गाडि़यों का किराया भी दिया. इसके बाद आरोपी ने किराया देना बंद कर दिया और सभी गाडि़यां हड़प ली. जसमीन खान ने जब छानबीन कराई तो पता चला कि गोरखपुर निवासी संजीत सिंह नाम का व्यक्ति उनकी गाडि़यां को चलवा रहा है. इस मामले में जसमीन खान ने एसएसपी गोरखपुर से मिलकर शिकायत की थी और जनवरी में गोरखनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गयी थी.

 

कई थानों में दर्ज है आरोपी के खिलाफ केस

इस तरह आरोपी अभिषेक उसके भाई अनुराग और साथी शैलेश ने गोरखपुर के रहने वाले अजीत सिंह को फाच्र्यूनर, इनोवा, डिजायर और वर्ना गाड़ी बेचने के नाम पर एक करोड़ रुपये ऐंठे थे. रुपये हासिल करने के बाद भी आरोपियों ने उनको एक भी गाड़ी नहीं दी थी. इस संबंध में फरवरी में पीडि़त अजीत सिंह ने गोरखपुर के राजघाट थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी.


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