पुलवामा आतंकी हमले पर विद्या बालन बोलीं 'बस अब बहुत हो चुका' और बाॅलीवुड ने उठाए ये कड़े कदम

2019-02-24T13:09:01Z

क्या आर्ट को पॉलिटिक्स से दूर रखना चाहिए? ये सवाल जब विद्या बालन से पूछा गया तो उनका साफ कहना था कि अब वक्त आ गया है कि हम एक ठोस कदम उठाएं।

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KANPUR: पुलवामा टेरर अटैक के बाद से हमारे देश में पाकिस्तानियों से किसी भी तरह का कनेक्शन न रखने की कवायद चल रही है। खासतौर पर फिल्म इंडस्ट्री में। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री अब इस बात पर जोर दे रही है कि पाकिस्तानी आर्टिस्ट्स को इंडिया में बैन करने के साथ अब पाकिस्तान में कोई इंडियन फिल्म भी न रिलीज की जाए। इस पर जब विद्या से बात की गई तो उनका भी कुछ ऐसा ही मानना था।
अब वक्त है कदम उठाने का
विद्या रीसेंटली अपने डेब्यू रेडियो शो के लॉन्च पर मौजूद थीं। इस पर विद्या ने कहा, वैसे मैंने हमेशा इस पर विश्वास किया है कि आर्ट को किसी भी तरह की बंदिशों या पॉलिटिक्स में बांधकर नहीं रखना चाहिए लेकिन अब मुझे लगता है कि हमें एक स्टैंड तो लेना ही होगा। हर चीज की हद होती है और अब बहुत हो चुका है। लोगों को साथ लाने के लिए आर्ट से बेहतर कोई जरिया नहीं हो सकता भले ही वो म्यूजिक हो, पोएट्री हो, थिएटर या सिनेमा लेकिन अब वक्त आ गया है कि हम ये सब भूलकर एक ब्रेक लें और देखें कि फ्यूचर के लिए क्या किया जा सकता है। एक वक्त आता है जब हमें कड़े फैसले लेने ही पड़ते हैं।

पूरी दुनिया में है सेक्सिज्म

सिर्फ पुलवामा अटैक ही नहीं बल्कि विद्या ने इस मौके पर सेक्सिज्म के बारे में भी बात की। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या बॉलीवुड में सक्सेस मिलने पर उनकी जर्नी आसान हुई या उन्हें इसके बाद भी सेक्सिज्म का सामना करना पड़ा, तब उन्होंने जवाब दिया, मेरा मानना है कि सेक्सिज्म सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं पूरी दुनिया में हर सोसाइटी में एग्जिस्ट करता है। पर अब मैं कहूंगी कि अब मैंने खुद को ऐसी पोजीशन पर रखा है कि इन सबसे मुझे अब कोई फर्क नहीं पड़ता है। ऑफकोर्स, ऐसा करने में बहुत मेहनत लगी है, बहुत वक्त लगा है। लेकिन जिन लोगों ने इसे फेस किया है, उनके साथ मुझे हमदर्दी भी है। हालांकि, मैंने खुद को इससे अलग रखा, पर इस बात से इनकार नहीं करती हूं कि सेक्सिज्म एग्जिस्ट नहीं करता।
जब फेस की बॉडी शेमिंग
अपने अपकमिंग शो में विद्या कई करेंट सोशल टॉपिक्स पर बात करेंगी जिनमें से एक है बॉडी शेमिंग। फिल्म इंडस्ट्री की कई एक्ट्रेसेज को कई बार बॉडी शेमिंग का शिकार भी होना पड़ा है। विद्या ने कहा कि वह किसी पर्टिकुलर बॉडी टाइप को कभी सपोर्ट नहीं करतीं। एक किस्सा शेयर करते हुए उन्होंने कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करने से पहले ही लोग मुझे बहुत कुछ कहते थे, मोटी कहकर बुलाते थे, मुझे डिसकरेज करते थे। ये सच में कॉन्फिडेंस को अफेक्ट करता है। लेकिन हमें खुद को स्ट्रॉन्ग रखने की जरूरत होती है। किसी पर्टिकुलर तरह दिखने के लिए कोई अनरियलिस्टिक गोल नहीं सेट करना चाहिए।'

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