वापसी से इंकार के बाद जब्‍त हो सकती हैं माल्‍या की प्रॉपर्टी, सीबीआई ने भी कसा शिकंजा

Updated Date: Mon, 14 Mar 2016 09:59 AM (IST)

एक तरफ जहां लिकर किंग के नाम से प्रसिद्ध विजय माल्‍या ने फिल्‍हाल देश लौटने से इंकार किया है वहीं एक चेक बाउंस केस में ईडी उनकी संपत्‍तियों को जब्‍त करने के बारे में सोच रही है। दूसरी ओर सवालों में घिरी सीबीआई ने भी अपनी जांच का घेरा और कसने का इरादा जाहिर किया है।

सीबीआई का शिकंजा कसेगा
वेजय माल्या के देश से भाग निकलने और पैसो का हेरुेर करने के मामले में सवालों में घिरी सीबीआई ने अपना दामन पाक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसी बारे में सीबीआई के डायरेक्टर अनिल सिन्हा ने कहा है कि एजेंसी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस और इसके प्रमोटर विजय माल्या के सारे लेन देन को अपनी जांच के दायरे में लेगी। हालाकि अभी सीबीआई माल्या पर बकाया सरकारी बैंकों के 7,000 करोड़ रुपये में से सिर्फ 900 करोड़ रुपये के मामले की जांच कर रही है, जिसमें बैंक फ्रॉड का आरोप लगा है। सिन्हा का कहना है कि वे माल्या से जुड़ी सभी बेजा संपत्तियों की जांच कर रहे हैं और इस मामले में बैंक अधिकारियों सहित जिस किसी ने भी माल्या की मदद की होगी, उन सभी की जांच होगी।
हो सकती है संपत्ति जब्त
इस बीच करोड़ों रुपये के बैंक कर्जदार उद्योगपति विजय माल्या ने भारत आने से इन्कार कर दिया है। जबकि देश में उनकी मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। चेक बाउंस के मामले में हैदराबाद की अदालत ने माल्या के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। 18 मार्च को पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत में उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। जबकि पीएफ जमा करने में हेराफेरी को लेकर श्रम मंत्रलय ने भी जांच शुरू कर दी है।
नहीं हाजिर होंगे ईडी की पूछताछ पर
एक ब्रिटिश अखबार को दिए साक्षात्कार में विजय माल्या ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल भारत आने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपराधी बताया जा रहा है। यह भारत लौटने का सही समय नहीं है। जाहिर है वे 18 मार्च को ईडी के दफ्तर में पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होंगे। इस संबंध में पूछे जाने पर ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि माल्या पूछताछ के लिए नहीं आते हैं, तो उनकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मनी लांडिंग रोकथाम कानून के तहत ईडी को संपत्ति जब्त करने का अधिकार है और जल्द ही इसे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईडी पहले ही विजय माल्या की संपत्तियों का पता लगा रही है। संपत्तियां चाहे शेयर के रूप में हों या जमीन-जायदाद या फिर बैंक जमा के रूप में, उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। ईडी में दो दिन की पूछताछ के दौरान किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए. रघुनाथन ने पूरे वित्तीय संकट के लिए सीधे तौर पर माल्या को जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार सारे वित्तीय फैसले खुद माल्या लेते थे।

जारी हुआ गैर जमानती वारंट
वहीं हैदराबाद की एक अदालत ने विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस को माल्या को 13 अप्रैल तक पेश करने को कहा है। दरअसल जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ से माल्या के खिलाफ 50 लाख रुपये का चेक बाउंस होने और भुगतान न कर पाने पर उन पर केस चलाने की अपील दायर की गई थी। इसके बाद माल्या के खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया था। एयरपोर्ट ने हैदराबाद में किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ कुल आठ करोड़ रुपये का चेक बाउंस होने के आरोप में 11 केस दर्ज कराया है। इससे पहले हैदराबाद की अदालत ने माल्या को 10 मार्च तक पेश होने का आदेश दिया था। लेकिन पेशी नहीं होने के चलते अदालत ने अब गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
श्रम मंत्रालय भी सक्रिय
इसके साथ ही श्रम मंत्रालय ने विजय माल्या के खिलाफ कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) जमा कराने की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने चालू स्थिति में रहते समय भी अपने कर्मचारियों का पूरा पीएफ नहीं जमाया कराया था। यह सीधे तौर पर श्रम कानून का उल्लंघन है। केंद्रीय श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि पीएफ जमा करने में गड़बड़ी की जांच की जा रही है।

inextlive from India News Desk

Posted By: Molly Seth
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.