इस कारण 15 अगस्त की आधी रात्रि को रिलीज होगा 'पटाखा' का ट्रेलर

2018-08-13T15:45:41Z

विशाल भारद्वाज की अगली फिल्म 'पटाखा' चरण सिंह पथिक की लघुकथा 'दो बहनें' पर आधारित है। फिल्म का ट्रेलर 15 अगस्त को रात 12 बजे जारी होगा। पटाखा की कहानी दो बहनों के ईदगिर्द है।

मुंबई(ब्यूरो)। विशाल भारद्वाज की अगली फिल्म 'पटाखा' चरण सिंह पथिक की लघुकथा 'दो बहनें' पर आधारित है। फिल्म का ट्रेलर 15 अगस्त को रात 12 बजे जारी होगा। पटाखा की कहानी दो बहनों के ईद-गिर्द है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि हम पड़ोसी और रिश्ते अपनी मर्जी का नहीं चुन सकते। यही हाल फिल्म में इन दोनों बहनों का है। दोनों एक साथ रहने को विवश हैं। दोनों एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाती हैं। एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज करती हैं। एक-दूसरे से बेइंतहा नफरत करती हैं। हद तो जब होती है, जब दोनों की शादी भी एक ही परिवार में दो भाइयों से हो जाती है।बहनों के किरदारों में सान्या मल्होत्रा और राधिका मदान  बहनों के किरदारों को सान्या मल्होत्रा और राधिका मदान ने निभाया है। विशाल की फिल्म 'सात खून माफ' भी रस्किन बांड की लघुकथा पर आधारित थी। जबकि 'ओंकारा', 'मकबूल' और 'हैदर' शेक्सपीयर की रचनाओं से प्रेरित। हिंदी सिनेमा में इन दिनों संदेशप्रधान फिल्मों का चलन है। हालांकि विशाल ने उससे दूरी बना रखी है। उस बाबत विशाल कहते हैं, 'यह दो बहनों की रोचक कहानी है। दोनों में आपस में बिल्कुल नहीं बनती हैं। दोनों की आपसी रंजिश देखकर लोग उससे रिलेट कर पाएंगे। मुझे भावनात्मक संघर्ष वाली कहानी कहना पसंद है। मुझे संदेश प्रधान कहानियां कहने में कोई दिलचस्पी नहीं है। सुनील ग्रोवर फिल्म में प्रमुख किरदार में  दो बहनों की लड़ाई देखकर मुझे भारत और पाकिस्तान की तनातनी जेहन में आती है। यही वजह है कि ट्रेलर 15 अगस्त की मध्यरात्रि में लांच कर रहे हैं।' फिल्म में सुनील ग्रोवर, 'भाबीजी घर पर हैं' फेम सानंद वर्मा प्रमुख भूमिका में हैं। 

मुंबई(ब्यूरो)। विशाल भारद्वाज की अगली फिल्म 'पटाखा' चरण सिंह पथिक की लघुकथा 'दो बहनें' पर आधारित है। फिल्म का ट्रेलर 15 अगस्त को रात 12 बजे जारी होगा। पटाखा की कहानी दो बहनों के ईद-गिर्द है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि हम पड़ोसी और रिश्ते अपनी मर्जी का नहीं चुन सकते। यही हाल फिल्म में इन दोनों बहनों का है। दोनों एक साथ रहने को विवश हैं। दोनों एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाती हैं। एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज करती हैं। एक-दूसरे से बेइंतहा नफरत करती हैं। हद तो जब होती है, जब दोनों की शादी भी एक ही परिवार में दो भाइयों से हो जाती है।

बहनों के किरदारों में सान्या मल्होत्रा और राधिका मदान 

 बहनों के किरदारों को सान्या मल्होत्रा और राधिका मदान ने निभाया है। विशाल की फिल्म 'सात खून माफ' भी रस्किन बांड की लघुकथा पर आधारित थी। जबकि 'ओंकारा', 'मकबूल' और 'हैदर' शेक्सपीयर की रचनाओं से प्रेरित। हिंदी सिनेमा में इन दिनों संदेशप्रधान फिल्मों का चलन है। हालांकि विशाल ने उससे दूरी बना रखी है। उस बाबत विशाल कहते हैं, 'यह दो बहनों की रोचक कहानी है। दोनों में आपस में बिल्कुल नहीं बनती हैं। दोनों की आपसी रंजिश देखकर लोग उससे रिलेट कर पाएंगे। मुझे भावनात्मक संघर्ष वाली कहानी कहना पसंद है। मुझे संदेश प्रधान कहानियां कहने में कोई दिलचस्पी नहीं है। 

सुनील ग्रोवर फिल्म में प्रमुख किरदार में 

 दो बहनों की लड़ाई देखकर मुझे भारत और पाकिस्तान की तनातनी जेहन में आती है। यही वजह है कि ट्रेलर 15 अगस्त की मध्यरात्रि में लांच कर रहे हैं।' फिल्म में सुनील ग्रोवर, 'भाबीजी घर पर हैं' फेम सानंद वर्मा प्रमुख भूमिका में हैं। 

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