Shubh Vivah Muhurat 19 नवम्बर से गूंजेगी चार महीने से बंद शहनाई नवंबर व दिसंबर में यह हैं शादी के शुभ मुहूर्त

2019-11-11T11:20:37Z

यद्यपि भगवान क्षणभर भी सोते नहीं फिर भी भक्तों की भावना'यथा देहे तथा देवे' के अनुसार भगवान चार मास शयन करते हैं। वहीं देवोत्थापनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु क्षीर निंद्रा से जाग गए। इस दिन से सभी मंगल कार्य किए जा सकते हैं। जानें विवाह के शुभमुहूर्त व तीरीखें

भगवान विष्णु के क्षीरशयन के विषय में यह कथा प्रसिद्ध है कि भगवान ने भाद्रपद मास की शुक्ल एकादशी को महापराक्रमी शंखासुर नामक राक्षस को मारा था और उसके बाद थकावट दूर करने के लिए क्षीरसागर में जाकर सो गये। वे वहां चार मास तक सोते रहे और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागे। इसी से इस एकादशी का नाम 'देवोत्थापनी' या 'प्रबोधनी एकादशी' पड़ गया जो इस वर्ष शुक्रवार 8 नवम्बर 2019 को पड़ी थी।
17 नवंबर से सूर्य-वृश्चिक करेगा प्रवेश

चार मासों में सभी प्रकार के शुभ कर्म वर्जित होते हैं जो इस वर्ष 12 जुलाई से बंद था।  प्रबोधनी एकादशी से मांगलिक कार्य प्रारम्भ हो जाते  हैं, लेकिन सूर्य के तुला राशि में हैं। वृश्चिक का सूर्य से विवाह आरम्भ होता है। सूर्य वृश्चिक राशि में 17 नवम्बर को दिन में 12:34 बजे प्रवेश कर रहे हैं।

Vaikuntha Chaturdashi 2019: व्रत विधि, पूजा व कथा, भगवान विष्णु ने इस दिन सभी के लिए खोल दिए थे स्वर्ग के द्वार

नवंबर की 19 तारीख से शुरू हो जाएंगे विवाह। ये हैं बाकी के शुभ-मुहूर्त की डेट-
19,20,21,22,23,24,27,28,29,30,
दिसम्बर में- 1,5,6,7,11,12

16 दिसम्बर से खरमास दोष आरम्भ हो रहा है अत: विवाहादि शुभ मुहूर्त-14 जनवरी 2020 तक वर्जित है।
-ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश प्रसाद मिश्र

Vaikuntha Chaturdashi 2019 Date, Puja Vidhi, Katha: इस दिन शिव ने राक्षसों का वध करने के लिए नारायण को दिया सुदर्शन चक्र


Posted By: Vandana Sharma

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.