मौसम ग्लोबल वॉर्निंग की वजह से 100 साल बाद ऐसा हाल एमपीबिहार में हो सकती बारिश

2019-03-16T16:59:00Z

आमतौर पर सर्दी का मौसम नवंबर से फरवरी तक माना जाता है लेकिन इस बार सर्दी मार्च के तीसरे हफ्ते में भी प्रभावी है। वहीं आज देश के कई राज्यों बारिश ओलों और तेज हवाओं की वजह से मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। आइए जानें आज के मौसम का हाल

newsroom@inext.co.in
KANPUR : देश में आज मौसम काफी बदला-बदला रहेगा। भारतीय मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आज उत्तर छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा में आज मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। आज इन राज्यों में कहीं भारी तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी संभावना हैं। वहीं आज मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में आज गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इसके साथ ही तेज हवाओं के साथ अधिकांश जगहों पर बादल छाए रहेंगे।

देशवासी ही नहीं बल्कि मौसम विशेषज्ञ हैरान
इस सर्दी में बार-बार बदल रहे मौसम से देशवासी ही नहीं बल्कि मौसम विशेषज्ञ हैरान हैं। वह इसे सामान्य भी नहीं मान रहे हैं। उनकी नजर में इस बार दिल्ली की सर्दी असामान्य है। इस बार जितने रिकॉर्ड टूटे हैं, उतने पहले कभी नहीं टूटे। इसके पीछे ग्लोबल वार्मिंग का असर भी बताया जा रहा है। सर्दी के बाद गर्मी के मौसम में भी ऐसी ही हालत रह सकती है। आमतौर पर सर्दी का मौसम नवंबर से फरवरी तक माना जाता है, लेकिन इस बार सर्दी मार्च के तीसरे हफ्ते में भी प्रभावी है। इस बार पश्चिमी विक्षोभ भी एक के बाद एक आते रहे तो बारिश ने भी पिछले तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए। वहीं, इस बार कोहरा न के बराबर था।
 
जम्मू-कश्मीर के ऊपर बना विक्षोभ बढ़ा
जम्मू-कश्मीर के पूर्वी हिस्सों के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ शनिवार को आगे की ओर बढ़ते दिखा। एक कोन्फ्लुएन्स जोन पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल सहित पूरे झारखंड तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से एक ट्रफ मतलब कम दबाव का क्षेत्र गंगीय वेस्ट बंगाल से रायलसीमा सहित ओडिशा और तेलंगाना तक फैला हुआ है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत में असम पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

शिमला-मनाली में फिर बर्फबारी

वसंत ऋतु शुरू हो गई है, लेकिन बारिश और बर्फबारी पीछा नहीं छोड़ रही है। हिल्स क्वीन शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में शाम को बर्फबारी हुई। इसके अलावा चंबा जिला के पांगी, भरमौर, डलहौजी और किन्नौर के कल्पा और लाहुल-स्पीति जिला के केलंग, शिमला जिला के कुफरी और नारकंडा में भी बर्फबारी हुई है। भरमौर और डलहौजी के माैसम पर नजर डालें तो  मार्च में सात साल बाद बर्फबारी हुई है।
इस बार टूटे ये रिकॉर्ड
- दिसंबर 2018 पिछले 50 सालों में सर्वाधिक सर्द रहा
- दिसंबर और जनवरी में नौ दिन दिल्ली का टेम्प्रेचर सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम रहा
- घना कोहरा महज नौ घंटे रहा जबकि अमूमन सर्दियों के दौरान यह 45 घंटे तक रहता है
- इस बार सर्दी में बारिश भी सामान्य से कहीं अधिक रही



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.