यूएन हेल्थ एजेंसी ने सोमवार को कहा कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के प्रयोग रोकने वाले देशों की संख्या बढ़ने के बावजूद दुनिया भर में कोरोना वायरस वैक्सीनें प्रभावित नहीं होगी। वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले देशों में यूरोपीय राष्ट्रों की संख्या ज्यादा है। इन देशों में वैक्सीन लगाने के बाद ब्लड क्लाॅट की शिकायत मिली थी।


जिनेवा (एपी)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि उसके कोवैक्स कार्यक्रम के लिए वैक्सीनों का उत्पादन भारत और दक्षिण कोरिया में किया गया है। यूरोप में बने वैक्सीन के बैच के निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कोवैक्स कार्यक्रम के तहत कम और मध्यम आय वाले देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की जा रही है।यूरोप में बनी वैक्सीन में दिखी समस्याडब्ल्यूएचओ के असिस्टेंट डाइरेक्टर जनरल मारियांगेला सिमाओ ने कहा, 'हम समझ सकते हैं कि यह सब एहतियात के तौर पर किया जा रहा है। यूरोप के अलावा अन्य देशों जो यूरोप से नहीं हैं, उनसे मैं यह कहना चाहता हूं कि जो वैक्सीन यूरोप में बनी हैं उनमें कुछ दिक्कत है। कोवैक्स कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराई गई वैक्सीन में कोई समस्या नहीं है।'यूरोपीय देशों ने लगाई अस्थाई रोक


एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर रोक लगाने वाले यूरोपीय देशों की लिस्ट में जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन शामिल है। इसकी शुरुआत डेनमार्क से हुई थी, जिसने पिछले सप्ताह एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के प्रयोग पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी थी। यह रोक वैक्सीन की डोज देने के बाद ब्लड क्लाॅट की शिकायत के बाद जांच के लिए लगाई गई है। इसके अलावा थाईलैंड और कांगो ने भी इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।

अस्थाई रोक जांच की रूटीन प्रैक्टिसडब्ल्यूएचो के डाइरेक्टर जनरल टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने एक न्यूज कांफ्रेंस में कहा, 'जरूरी नहीं है कि ये घटनाएं वैक्सीनेशन से ही जुड़ी हैं। इनकी जांच करना रूटीन प्रैक्टिस है और यह दर्शाता है कि निगरानी तंत्र ठीक से काम कर रहा है।'कोवैक्स के तहत 20 करोड़ डोज देंगेयूरोप में दी जा रही कुछ वैक्सीनों में से एस्ट्राजेनेका सिर्फ एक उत्पाद है। कोवैक्स कार्यक्रम में इस वैक्सीन का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इस कार्यक्रम के तहत फरवरी के अंत में वैक्सीन भेजने शुरू हुए थे। मई के अंत तक तक 20 करोड़ वैक्सीन की डोज आपूर्ति करने की योजना है। इनमें से तकरीबन सभी वर्जन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के हैं।92 देशों को मिली वैक्सीन, 90 लाइन मेंकुल 92 देशों ने डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में चलाए जो रहे कोवैक्स के जरिए वैक्सीन प्राप्त की है। एपीडेमिक प्रीपेयर्डनेस इनोवेशंस साझीदार तथा एक वैक्सीन ग्रुप गावी है। अन्य 90 राष्ट्रों तथा 8 टेरेटरीज ने इस कार्यक्रम के तहत वैक्सनी की डोज के लिए भुगतान करने पर सहमति जताई है।दुनिया में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन डोज

डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डाॅ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि दुनिया भर में कोरोना वायरस वैक्सीन की 30 करोड़ डोज लोगों को लगाई जा चुकी है और इनमें से एक भी मौत की पुष्टि वैक्सीन से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्लड क्लाॅट की शिकायत जिन लोगों ने की है उन्हें एस्ट्राजेनेका वैक्सीन दी गई थी। यह संख्या सामान्य जनसंख्या के लिहाज से आप जो उम्मीद कर सकते हैं उससे वह काफी कम है।

Posted By: Satyendra Kumar Singh