आखिर क्यों न हो Beauty Conscious

2013-02-26T11:04:00Z

Jamshedpur खुद को खूबसूरत दिखाने और सजने संवारने के लिए ना जाने लोग कैसीकैसी जहमत उठाते हैं अब ये कवायद इतनी बढ़ गई है कि अब ब्यूटी का एक मार्केट सा बनता जा रहा है बढ़ती इनकम और फैशन कांशसनेस के साथसाथ ब्यूटी प्रोडक्ट्स का मार्केट भी तेजी से बढ़ रहा है कंट्री में कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का बाजार 2011 में करीब दस हजार करोड़ रुपए था एसोचैम के प्रोजेक्शन के अनुसार ये मार्केट 2014 तक बढक़र बीस हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा ब्यूटी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के इस मार्केट ने सिटी में भी जबरदस्त पकड़ बना ली है बड़ी संख्या में यूथ और मिडल एज वूमेन और मेन हर मंथ कॉस्मेटिक्स और ब्यूटी ट्रीटमेंट पर चार से पांच हजार रुपए तक खर्च कर रहे हैैं

Cosmetics की बढ़ी demand
एसोचैम द्वारा किए गए एक सर्वे मे 65 पर्सेंट टीनेजर्स ने 2000 से लेकर 2011 के दौरान अपने ब्रांडेड कॉस्मेटिक कंजम्पशन में 75 पर्सेंट इजाफा होने की बात कही. वहीं 62 पर्सेंट मेल यूथ ने भी 45 पर्सेंट इजाफे की बात कही. कॉस्मेटिक्स के डिमांड मे कुछ इसी तरह का ग्र्रोथ सिटी में भी देखने को मिल रहा है. साकची स्थित एक कॉस्मेटिक स्टोर के ओनर ने बताया कि लैक्मे, लॉरियल, रेवलोन और मेबिलेन जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ लोटस, बायोटिक, अरोमा मैजिक और वीएलसीसी जैसे हर्बल प्रोडक्ट्स की भी काफी सेलिंग हो रही है. उसने बताया कि ज्यादातर कस्टमर्स हर महीने चार सौ से लेकर 2500 तक के ब्यूटी प्रोडक्ट्स की खरीदारी कर लेते हैं.

लोगों के बीच बढ़ रही है beauty consciousness
सिटी में ब्यूटी प्रोडक्ट्स का बाजार तेजी से फैल रहा है. स्टूडेंट्स से लेकर 30 प्लस एज ग्र्रुप के मेल और फीमेल अपने एक्सटीरियर को मेंटेन करने के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स और ब्यूटी ट्रीटमेंट पर हर महीने हजारो रुपए खर्च कर रहे हैं. साकची स्थित हेयर एंड फेस सैलून के ओनर दिलीप चौधरी ने बताया कि उनके रेग्यूलर कटमर्स हर महीने अपने स्किन केयर के लिए 3 से 4 हजार रुपए खर्च करते हैं. बिष्टुपुर स्थित एक्वा सलून की ओनर अनु ने कहा की पिछले कुछ सालों मे ये बाजारी तेजी से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि पिछले चार -पांच सालों मे सलून्स में आने वाले कस्टमर्स की संख्या पचास पर्सेंट तक बढ़ी है.

Middle age women का हैं सबसे आगे
सिटी के ब्यूटी प्रोडक्ट्स के मार्केट में सबसे बड़ा शेयर मिडल एज वूमेन का है. दिलीप चौधरी बताते हैैं कि आमतौर पर इस उम्र में महिलाओं के स्किन मे कई तरह के प्रॉब्लम आने लगते हैं. इसके साथ ही यूथ के कंपैरिजन में इन महिलाओं की पर्चेजिंग पावर भी काफी ज्यादा होती है. ऐसी महिलाएं ना सिर्फ हाय प्राइस प्रोडक्ट्स की पर्चेजिंग करती हैं, साथ ही हर प्रॉब्लम के लिए अलग-अलग कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स लेना भी प्रीफर करती हैं. एक अनुमान के मुताबिक सिटी में हर महीने करीब एक करोड़ से ज्यादा रुपए ब्यूटी पालर्स में खर्च किए जाते हैं. इस खर्च में मिडल एज वूमेन्स का काफी बड़ा शेयर है.

Male भी नही हैं पीछे
ब्यूटी को लेकर कांशसनेस सिर्फ महिलाओं में ही नहीं बल्कि मेल भी अपने एक्सटीरियर को लेकर काफी कांशस हैैं. एक्वा सैलून की अनु ने बताया कि उनके यहां आने वाले कस्टमर्स में करीब 25 पर्सेंट तक मेल होते हैैं. उन्होंने बताया कि फेशियल, हेयर ट्रीटमेंट, हेयर कलरिंग सहित कई ब्यूटी ट्रीटमेंट पुरुषों के बीच काफी लोकप्रिय हैं.

सिटी में ब्यूटी प्रोडक्ट्स का मार्केट बढ़ रहा है. लोग 4-5 हजार रुपए  महीने में कॉस्मेटिक्स और ब्यूटी ट्रीटमेंट पर खर्च करते हैैं.
अविनाश, ओनर, ब्लैक एंड वाइट

पिछले कुछ सालों में लोगों में ब्यूटी कांशसनेस काफी बढ़ा है. चार-पांच सालों में कस्टमर्स की संख्या में पचास पर्सेंट तक का इजाफा हुआ है.
अनु, ओनर, एक्वा सैलून
फीमेल्स के साथ-साथ मेल में भी फैशन कांशसनेस बढ़ा है. सलून्स में जाने वाले कस्टमर्स में करीब 40 पर्सेंट मेल होते हैैं.
दिलीप चौधरी, ओनर, हेयर एंड फेस सैलून

Report by: abhijit.pandey@inext.co.in


 


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