नहीं है एस्मा की परवाह करेंगे हड़ताल

2019-02-07T06:00:14Z

मांगों को लेकर फ्रंट फुट पर आए कर्मचारी, शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने ठोकी ताल

PRAYAGRAJ: अगर सरकार एस्मा लगाएगी तब भी सरकारी कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। वे पुरानी पेंशन बहाली नहीं होने तक कामकाज नहीं करेंगे। उनके इस हठ के चलते बुधवार से सात दिवसीय महा हड़ताल का आगाज हो गया। इस दौरान भारी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने शहर में सभाएं कर मोटर साइकिल जुलूस भी निकाला।

सुबह खुलने वाला एकमात्र कार्यालय

कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उप्र के आह्वान पर बुधवार को सात दिवसीय हड़ताल की शुरुआत सुबह 6:30 बजे राजकीय मुद्रणालय से की गई। बता दें कि यह प्रदेश का एकमात्र कार्यालय है जो सुबह खुलता है। संगठन के जनपद संयोजक अजय भारती, देवेंद्र श्रीवास्तव, इंजी। बीके कुशवाहा, विनोद पांडेय के नेतृत्व में मोटर साइकिल जुलूस निकाला गया। इसमें पीडब्ल्यूडी, लघु सिंचाई, आईएएस कोषागार, कृषि विभाग, आरटीओ आदि विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रमिक संघ अध्यक्ष कैलाश यादव के नेतृत्व में गवर्नमेंट प्रेस में हुई आम सभा में बुधवार को सुबह 11 से शाम 4 बजे तक शिक्षा निदेशालय में बैठक का निर्णय लिया गया।

गेट पर कर दी तालाबंदी

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के बैनर तले पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इंजी। हरिकिशोर तिवारी और शिक्षक नेता डॉ। दिनेश शर्मा के निर्देशन में पुरानी पेंशन के नाम पर किसी समझौते में नही पड़ने का फैसला लिया गया। साथ ही सरकार द्वारा एस्मा लगाने की धमकी देने का भी विरोध कर हड़ताल जारी रखने का फैसला किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष श्रीराम सिंह और संचालन उप्र राज्य संविदा कर्मचारी के प्रदेश अध्यक्ष रामसूरत पांडेय ने किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा शासकीय दर्जा देने, मुख्य सेविकाओं को रिक्त पदों पर प्रमोशन देने और मानदेय में वृद्धि की मांग पर अनिश्चितकालीन आंदोलन कलेक्टेट में जारी रहा। इसको समर्थन देने की घोषणा प्रगतिशील समाज पार्टी के अध्यक्ष इंजी। सुनील कुशवाहा ने की। उधर सर्वदलीय पार्षद संघर्ष समिति के शिवसेवक सिंह, आनंद घिल्डियाल, अशोक सिंह, कमलेश सिंह, रंजन कुमार आदि ने पुरानी पेंशन को लेकर कर्मचारी आंदोलन पर शासन द्वारा एस्मा लगाने की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताकर विरोध दर्ज कराया है।


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