आधार नहीं तो कुत्ता और बंदर काटने पर नहीं लगेगी वैक्सीन!

2019-05-08T09:05:08Z

आगरा के जिल अस्पताल में रैबीज वैक्सीन तब तक नहीं लगाई जाएगी जब तक आपके पास आधार कार्ड न हो

AGRA: जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए भटक रहे मरीजों की परेशानी और बढ़ने जा रही है. वैक्सीन मुहैया कराने के बजाय अस्पताल प्रशासन अब मरीजों के लिए नए-नए नियम बनाने में जुटा है. जारी किए गए नोटिस के अनुसार अब कुत्ते एवं बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों को अपना आधार कार्ड दिखाना होगा. वैक्सीन के लिए निजी संस्थाओं पर मोहताज अस्पताल मरीज को राहत देने की जगह उनकी दिक्कत बढ़ाने में जुटा है.

हर दिन आते है करीब दो सौ मरीज
जिला अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए हर रोज विभाग में करीब डेढ़ सौ से दो सौ मरीज आता है. शहर में बंदरों का आतंक चरम पर है. गांव देहात आदि में यह आतंक और भी ज्यादा है. कुत्ता काटने या बंदर के काटने पर तीमारदार अपने पेशेंट को लेकर सीधा सरकारी अस्पताल की ओर भागता है ऐसे में मरीजों को इलाज से पहले अपने डाक्यूमेंट पर ध्यान देना पड़ेगा तभी उनका इलाज हो पाएगा.

इंजेक्शन के लिए रहती है मारामारी
एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए जिला अस्पताल में अक्सर मारा मारी रहती है. हर महीने करीब दो हजार इंजेक्शन की अस्पताल में डिमांड है जबकि शासन से यह पांच सौ की संख्या में ही उपलब्ध हो पाते है. कई बार संस्थाएं भी जिला अस्पताल को इंजेक्शन डोनेट कर चुकी है लेकिन जिला अस्पताल में इंजेक्शन की कभी भी पूर्ति नहीं हो पाती है.

ब्यौरा दर्ज कराने के लिए अनिवार्य किया आधार कार्ड
मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुकेश कुमार वत्स ने कहा कि अभी तक इंजेक्शन का ब्यौरा नहीं मिल पा रहा था. आधार कार्ड अनिवार्य होने से अब गैर जिलों के मरीज आगरा में एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवा सकेंगे. अभी तक इन्जेक्शन में फर्जीवाड़ा हो रहा था. फर्जीवाड़ा से निपटने के लिए महानिदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आधार कार्ड मान्य किया है.


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.