महिलाओं की उद्यमिता पर चुनौती

2016-03-27T02:10:37Z

- सीसीएस यूनिवर्सिटी के इकनोमिक्स डिपार्टमेंट में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

Meerut- सीसीएस यूनिवर्सिटी के बृहस्पति भवन में महिलाओं की उद्यमिता पर चुनौती विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो। एनके तनेजा ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

छात्राओं ने सरस्वती वंदना की

इसके बाद विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला उद्यमिता की चेयरमैन शशि सिंह ने कहा कि पहले के समय की अपेक्षा आज महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है पर यह सुदृढ़ हो सकेगी जब वो हुनरमंद और आत्मनिर्भर बने। उन्हें यह तय करना होगा कि घर परिवार के साथ-साथ उनकी भूमिका आर्थिक क्षेत्र में भी होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि वे सफल गृहिणी के साथ ही सफल उद्यमी भी बनें।

अब नजरिया बदल रहा है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीसीएस विवि के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो। वीके मल्होत्रा ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज का नजरिया बदल रहा है। अब वो सिर्फ घर के कामकाज तक सीमित नहीं हैं बल्कि हर जगह अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है, लेकिन सफल उद्यमी बनने के लिए उन्हें अपने कार्यक्षमता में वृद्धि करनी होगी और साथ ही साथ मजबूत इरादा भी रखना होगा। प्रो। वीके मल्होत्रा ने कहा कि महिलाओं की साक्षर दर में तेजी आई है। बात करें तो आजादी के समय 1947 के तो महिलाओं की साक्षर दर मात्र 12 प्रतिशत थी। वहीं 2011 की जनगणना के आधार पर महिलाओं की साक्षर दर 74 प्रतिशत हो गई।

नए आइडिया डेवलेप करने होंगे

महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए नए आइडिया को डेवलेप करना होगा। सेमिनार में भारतीय विद्यापीठ विश्वविद्यालय की प्रो। मीनाक्षी गांधी, प्रमुख कॉलेजों के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर, रिर्सचर, छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


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