चौथे दिन भी बंद रहा यमुनोत्री हाईवे

2018-07-25T06:00:59Z

- स्याना चट्टी के पास 15 छोटे वाहन और 80 यात्री फंसे

- ओजरी से त्रिखली-कुंशाला गांव होते हुए पैदल यात्रा संचालित करा रहा है प्रशासन

UTTARKASHI: यमुनोत्री हाईवे पर डाबरकोट के पास लगातार भूस्खलन होने से हाईवे चौथे दिन भी बंद रहा। 21 जुलाई की शाम से अभी तक हाईवे बंद है। हाईवे बंद होने से स्याना चट्टी के पास 15 छोटे वाहन और 80 यात्री अभी भी फंसे हुए हैं। प्रशासन ओजरी से त्रिखली-कुंशाला गांव होते हुए पैदल यात्रा संचालित करा रहा है। मार्ग बंद होने के कारण यात्रियों एवं स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

यात्रियों को हो रही परेशानी

21 जुलाई की शाम साढ़े छह बजे डाबरकोट क्षेत्र में बारिश होने के कारण भूस्खलन जोन सक्रिय हुआ था। रविवार व सोमवार को भी पूरे दिन हाईवे बंद रहा। हाईवे बंद होने के कारण स्याना चट्टी के पास यात्रियों के 15 वाहन फंस गए थे, जिनमें 80 यात्री यात्री सवार हैं। इनमें कुछ यात्री पैदल रास्ते से निकल आए हैं, लेकिन उनके वाहन स्याना चट्टी के पास ही फंसे हैं। मंगलवार को भी पूरे दिन ये यात्री डाबरकोट में हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे, ताकि वह अपने वाहन निकाल सकें। लेकिन डाबरकोट भूस्खलन जोन में लगातार पत्थरों की बरसात होने के कारण एनएच की टीम भी हाईवे को सुचारु नहीं कर पाई। वहीं, गंगोत्री हाईवे थिरांग के पास करीब पांच घंटे बंद रहा। हाईवे बंद होने से कांवडि़यों व यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ढाई घंटे बंद रहा ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे

NEW TEHRI: ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग पर आगर के पास मलबा आने के कारण मार्ग करीब ढाई घंटे तक बंद रहा। बारिश के चलते जौनपुर के टिहरी गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। उस समय मकान में परिवार का कोई भी सदस्य नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

आगर के पास मलबा आने से बंद हुआ हाईवे

मंगलवार को सुबह दस बजे करीब ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग आगर के समीप पहाड़ी से मलबा आने के कारण बंद हो गया। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान यात्री वाहन मार्ग में फंसे रहे। बारिश में भी लोग घंटों मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे। बाद में जेसीबी ने मलबा हटाया, जिसके बाद क्ख्.फ्0 बजे राजमार्ग आवागमन के लिए सुचारू हो पाया। वहीं प्रखंड जौनपुर के अंतर्गत तहसील धनोल्टी के ग्राम टिकरी निवासी कमल दास पुत्र स्व। शिवादास का मकान मंगलवार सुबह करीब 7 बजे ध्वस्त हो गया। घटना के वक्त पूरा परिवार घर से बाहर था, जिससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। तहसीलदार धनोल्टी दयाल सिंह भंडारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे व पीडि़त परिवार को त्वरित सहायता के रूप में पांच हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही नुकसान का जायजा लिया।


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