न छूटे साथ इसलिए मरते दम तक नहीं छोड़ा हाथ

2019-07-22T09:32:18Z

दोनों में मोहब्बत थी जमाने का डर था कि साथ न छूट जाए इसलिए दोनों ने मरते दम तक हाथ न छोड़ने का फैसला किया

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PRAYAGRAJ: दोनों में मोहब्बत थी. जमाने का डर था कि साथ न छूट जाए, इसलिए दोनों ने मरते दम तक हाथ न छोड़ने का फैसला किया. एक दुपट्टे से युवक-युवती ने अपने हाथ बांधे और नदी में छलांग लगा दी. प्रेमी युगल का शव रविवार को दारागंज स्थित नागवासुकी मंदिर के पास मिला. बताया जाता है कि उन्होंने शिवकुटी एरिया के कर्जन पुल से शनिवार की देर शाम गंगा में छलांग लगाई थी. युवक के गायब होने की गुमशुदगी कैंट थाने में तीन दिन पूर्व दर्ज थी. सूचना पर पहुंचे उसके पिता ने बेटे के रूप में उसकी पहचान की. उसके साथ सुसाइड करने वाली युवती की पहचान देर रात तक नहीं हो सकी थी. युवती के बारे में युवक का पिता भी कुछ नहीं बता पा रहा है. ऐसे में दारागंज और शिवकुटी पुलिस युवती की पहचान को लेकर देर रात तक मशक्कत करती रही. युवती के कपड़े व पुल पर मिले कुछ कागज में लिखे नाम से कयास लगाए जा रहे हैं कि वह गैर बिरादरी की थी.

एसएससी की कर रहा था पढ़ाई
बांदा जिले के नरैनी थाना क्षेत्र स्थित रिसौरा गांव निवासी दीनबंधु रिटायर्ड फौजी हैं. फौज की नौकरी के बाद बाद उन्होंने अध्यापक की नौकरी ज्वाइन कर ली. इन दिनों उनकी पोस्टिंग बांदा में ही है. उनके दो बेटों में बड़ा विक्रम कुमार (21) पढ़ने में ठीक था. करीब एक माह पूर्व वह एसएससी की पढ़ाई करने के लिए बांदा से प्रयागराज आया था. यहां कैंट के राजापुर स्थित गंगानगर मोहल्ले के गली नंबर 13 में किराए पर कमरा लेकर पढ़ाई करने लगा. बताते हैं कि 18 जुलाई को परिजन बांदा से उसे फोन लगाते रहे. मगर उसका मोबाइल कभी बंद बताता रहा तो कभी रिंग जाने के बावजूद उठ नहीं रहा था. परेशान परिजन उसकी तलाश में राजापुर उसके किराए के कमरे पर पहुंचे. यहां पता चला कि वह दो दिन से रूम पर नहीं आया.

युवती की नहीं हो सकी पहचान
रूम पर दो दिन से बेटे विक्रम के न आने की खबर सुन उसके पिता दीनबंधु के होश उड़ गए. उनकी तहरीर पर कैंट पुलिस ने 19 जुलाई को विक्रम के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी. शनिवार देर शाम कर्जन ब्रिज से युवक व युवती ने गंगा में छलांग लगा दी. पुलिस व गोताखोर दोनों की तलाश कर रहे थे. रविवार की शाम करीब छह बजे दारागंज स्थित नागवासुकी मंदिर के पास गंगा में दोनों का शव मिला. दारागंज पुलिस ने दोनों के शव को बाहर निकलवाया. चूंकि कैंट थाने में विक्रम की गुमशुदगी दर्ज थी, इसलिए उसके पिता को पुलिस ने दारागंज भेज दिया. दारागंज पहुंचे दीनबंधु ने युवक की पहचान अपने बेटे विक्रम कुमार के रूप में की. शव देखते ही वह दहाड़ मार कर रो पड़ा.

विक्की है विक्रम तो हयात कौन
दोनों पुल पर जिस जगह से कूदे थे वहां से पुलिस को एक लेडीज पर्स मिला है. पर्स में मौजूद कागज पर विक्की व हयात लिखा हुआ था. ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि युवती का नाम हयात रहा होगा. अनुमान यह भी है प्यार से वह विक्रम को विक्की कहती हो.

गंगा नदी में दोनों के शव मिले हैं. दोनों के हाथ एक-दूसरे से बंधे हुए थे. इसलिए यह कहना गलत न होगा कि दोनों प्रेमी युगल थे. युवती की पहचान नहीं हो सकी है. शिवकुटी पुलिस को एक पर्ची मिली है. इसमें अनुमान लगाया जा रहा है कि वह मुस्लिम बिरादरी से हो सकती है. दोनों का शव शिवकुटी पुलिस को सौंप दिया गया है.
-आशुतोष तिवारी, इंस्पेक्टर दारागंज


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