गोमती नगर पॉश इलाके में युवक की घर में घुसकर हत्या

2019-07-18T06:00:51Z

- सेतु निगम के पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर का बेटा था युवक

- मकान के कई हिस्से में मिले खून के धब्बे, कमरे में मिला नशीला पदार्थ

- मिडलैंड हॉस्पिटल में था मैनेजर, नग्न अवस्थ में खून से लथपथ मिला

- धारदार हथियार से किया गया वार, पुलिस बता रही हादसा

LUCKNOW : गोमतीनगर के पॉश इलाके विश्वास खंड में मंगलवार देररात युवक की धारदार हथियार से उसके घर में हत्या कर दी गई। खून से लथपथ युवक ने जान बचाने के लिए मां और भाई से गुहार भी लगाई थी। उसे बचाने के लिए मां और भाई कार से मिडलैंड हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन युवक की मौत हो गई। उसकी पीठ पर धारदार हथियार से पंचर किया गया था, जो पेट से आर-पार हो गया था। मृतक युवक मिडलैंड हॉस्पिटल में मैनेजर था। सुबह 4 बजे परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इस पर एडीजी जोन राजीव कृष्णा समेत पुलिस अफसर और फॉरेसिंक टीम ने मौके पहुंच कर जांच की। शुरुआत जांच में पुलिस हादसे की तरफ इशारा कर रही थी, लेकिन जांच में कई ऐसी संदिग्ध चीज मिली जिससे आशंका जताई जा रही है कि मैनेजर पर हमला करने वाला घर पर मौजूद था और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। मैनेजर के भाई ने गोमतीनगर थाने में हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस हाई प्रोफाइल मर्डर की पड़ताल कर रही है।

खून से सराबोर पहुंचा था मां के कमरे में

गोमतीनगर का पॉश इलाके विश्वास खंड 3फ्/127 में सेतु निगम के पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद सिंह पुंडीर का आवास है। विनोद पुंडीर की कई साल पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। परिवार में उनकी पत्नी मंगला, बड़ा बेटा इंद्रजीत सिंह उसकी पत्नी पूर्णिमा, तीन साल की बच्ची और छोटा बेटा विश्वजीत रहते हैं। विश्वजीत अपने रिश्तेदार डॉ। आरपी सिंह के मिडलैंड हॉस्पिटल में मैनेजर था। मंगलवार देररात विश्वजीत का पूरा परिवार सो रहा था। भाई इंद्रजीत के अनुसार रात करीब एक बजे खून से लथपथ विश्वजीत नग्न अवस्था में चीख पुकार मचाते हुए मां के कमरे में पहुंचा। उसने मां और भाई से बचाने की गुहार लगाई। उसकी हालत देख परिजन उसी की कार से उसे मिडलैंड हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हत्या की वजह नहीं हो सकी साफ

सुबह करीब चार बजे परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एडीजी जोन राजीव कृष्णा समेत पुलिस अफसर मृतक विश्वजीत पुंडीर के घर पहुंच गए। मौके पर डॉग स्क्वॉयड और फॉरेंसिक की टीम को बुलाया गया। कमरे में हर तरफ खून बिखरा हुआ था और सामान भी अस्त व्यस्त था। ऐसे में इंकार नहीं किया जा सकता कि मरने से पहले विश्वजीत ने हत्यारों से संघर्ष किया होगा। शुरुआती जांच में यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर विश्वजीत की हत्या की वजह क्या है।

कमरे में मिली बियर की बोतल और नशीला पदार्थ

पुलिस टीम ने विश्वजीत के कमरे से बियर की 4 कैन गांजा समेत कई सिगरेट भी बरामद की है। वहीं घटनास्थल के पास से फॉरेंसिक टीम को महिला के बाल भी मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है। वह बियर का शौकीन था और उसके कमरे के बाहर रेक पर बड़ी संख्या में खाली बियर की बोतल भी मिली है। कमरे में कई जगह सिगरेट और पेपर में लिपटा गांजा भी मिला है, जिसे पुलिस ने जांच के लिए लैब भेजा दिया है।

पुलिस हत्या नहीं हादसा बता रही

पुलिस के अनुसार जिस समय देर रात ये घटना हुई उस समय विश्वजीत नग्न अवस्था में था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस विश्वजीत की मौत हत्या नहीं बल्कि हादसा बता रही है। पुलिस आशंका जता रही है कि नशे की हालत में विश्वजीत लीविंग रूम की बालकनी से नीचे गिर गया और नीचे बाउंड्रीवॉल में लगे नुकीले जाल में गिरने से पेट में नुकीले भाले धंस गए और ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई।

खून के धब्बे ने उलझा दिया

मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बड़ा भाई इंद्रजीत परिवार समेत रहता है जबकि फ‌र्स्ट फ्लोर पर विश्वजीत का लीविंग रूम है जबकि सेकंड फ्लोर पर उसका बेड रूम है। उसके खून के धब्बे मकान के कई हिस्से में मिले हैं। बाउंड्रीवॉल के छोटे गेट के पास भी खून के धब्बे मिले हैं। उसके ठीक ऊपर उसका लीविंग रूम है। फिर सीढि़यों के रास्ते खून के धब्बे लीविंग रूम के गेट तक पहुंचे, लेकिन रूम के अंदर खून नहीं मिला। आगे बढ़ने पर सीढि़यां उसके बेड रूम पर जाती हैं। यहां से आगे जाने पर भी खून के धब्बे मिले। बेड रूम में काफी मात्र में खून मिला। इसके बाद उसकी मां मंगला के रूम के पास भी खून के धब्बे मिले हैं।

रात 12.30 बजे सिगरेट लेकर लौटा था

परिजन और नौकर विकास का कहना है कि विश्वजीत हमेशा 8.30 बजे तक घर आ जाता था। वह फैमिली के साथ डिनर नहीं करता था। नौकर विकास उसका खाना लीविंग रूम में रख देता था। रोज की तरह मंगलवार रात में भी उसने खाना रखा दिया और सोने चला गया था। वहीं विश्वजीत के एक दोस्त का कहना है कि रात 12.30 बजे उसे पॉलीटेक्निक चौराहे पर देखा था। पूछने पर सिगरेट खरीदने की बात उसने कहीं थी। नौकर विकास ने भी पुष्टि की है कि अक्सर सिगेरट खत्म होने पर वह देर रात चले जाते थे और फिर वापस लौट आते थे।

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पहले से मौजूद तो नहीं था हत्यारा

आशंका जताई जा रही है कि हत्यारा घर में पहले से मौजूद था। सिगरेट लेकर वापस लौटे विश्वजीत से उसकी भिड़ंत हो गई और उसने हमला कर उसे घायल कर दिया। जख्म का अंदाजा न होने पर उसने अपनी बीमार मां को घटना की जानकारी नहीं दी, लेकिन हालत बिगड़ने पर खुद को बचाने की गुहार लगाता रहा।

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खून से सने गलब्स मिले

विश्वजीत के मर्डर की जांच कर रही पुलिस को बाउंड्रीवॉल से सटी ग्रीन बेल्ट से खून से सने एक सर्जिकल गलब्स भी मिले हैं। पुलिस ने गलब्स को जब्त कर जांच के लिए भेजा दिया है। वहीं पुलिस को उसकी कार के पिछली सीट पर प्लास्टिक की एक खून से सनी स्टिक भी मिली है। भाई इंद्रजीत का कहना है कि वह स्टिक से लगातार घाव को दबा रहा था। इस स्टिक को भी पुलिस ने जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।

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इंस्पेक्टर को मंत्री ने डांटा

वारदात की सूचना पर पहुंचे पहुंचे मंत्री जयप्रताप सिंह ने इंस्पेक्टर रामसूरत को फटकार लगाई। इंस्पेक्टर लगातार हत्या को हादसे की ओर डायवर्ट कर रहे थे। मंत्री को बोलना पड़ा कि कैरेक्टर सर्टिफिकेट मत बाटो, हत्या हुई है, बदमाशों को पकड़ो। इतना सुनने के बाद इंस्पेक्टर शांत हो गए।

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अफेयर व रंजिश पर टिकी तफ्तीश

हाई प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस की तफ्तीश अफेयर के अलावा रंजिश पर टिक गई है। शुरुआती छानबीन में उसे संदेह है कि कोई परिचित ही कमरे में पहुंचा, जिसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विश्वजीत की हमलावरों से हुए संघर्ष की बात से इंकार किया है। उसे आशंका है कि अफेयर में मैनेजर पर हमला किया गया या फिर रंजिश में देर रात साथ रहे किसी शख्स ने घटना अंजाम दी और फरार हो गया।


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