आखिरकार नहीं मिली लखवी को एक बार फ‍िर उसके मंसूबों में कामयाबी. इस बार भी मुंबई हमले के मास्‍टरमाइंड लखवी का इरादा था हाईकोर्ट में अपनी हिरासत के खिलाफ याचिका दायर करने का. ताकि यहां से उसे राहत मिल सके लेकिन ऐसा हुआ नहीं. बता दें कि पाकिस्तान की अदालत ने 2008 में मुंबई आतंकवादी हमलों के साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी की सार्वजनिक सुरक्षा के एक कानून के तहत हिरासत के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है.

याचिका पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
अब फैसले के अनुसार अगले महीने तक उसे जेल में ही रहना होगा. जानकारी है कि लाहौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश महमूद मकबूल बाजवा ने पंजाब सरकार की ओर से 14 मार्च को लोक व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित कानून के तहत 55 साल के लखवी की हिरासत के आदेश के खिलाफ दायर उसकी याचिका पर फैसला सुनाया. उन्होंने याचिका को खारिज कर दिया.
कैसा रहा अदालत का रुख
इससे पहले बता दें कि आज सुबह न्यायाधीश ने लखवी के वकील राजा रिजवान अब्बासी व विधि अधिकारी खावर इकराम भट्टी की दलीलों को सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रखा था. इस बाबत जानकारी देते हुए अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि अदालत ने लखवी की याचिका को खारिज करने की घोषणा की है. ऐसे में अदालत ने उसको लेकर एक संक्षिप्त आदेश भी जारी किया है.
एक नजर पीछे भी
गौरतलब है कि गुरुवार को लखवी ने लाहौर हाईकोर्ट में अपनी हिरासत को लेकर चुनौती देते हुए उसके खिलाफ याचिका दायर की थी. लखवी की ओर से अदालत से गुजारिश की गई थी कि पंजाब गृह विभाग के आदेश को खारिज कर दिया जाए. इसके बारे में बता दें कि यह इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. नवंबर 2008 में मुंबई में एक होटल पर हुए आत्मघाती हमले को लेकर लखवी व छह अन्य-अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद व यूनिस अंजुम पर आरोप है. इस आतंकी हमले में 166 निर्दोष लोग मारे गए थे. इसी मामले को लेकर लखवी के खिलाफ पाकिस्तान कोर्ट में केस चल रहा है.

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Posted By: Ruchi D Sharma