वह बेहोश हो गया और जब आंखें खुलीं तो एक झोपड़ी में बंद था. आसपास खेत थे. उसी झोपड़ी दो और लड़के बंद थे. सोमू ने बताया कि उसके साथ मारपीट भी की गयी. किसी तरह वह उन दो लड़कों के साथ भागा और कुछ दूरी पर एक ट्रेन खड़ी थी जिसमें चढ़ गया. करीब डेढ़ घंटे तक सफर करने के बाद वह आरा पहुंचा और एक अनजान व्यक्ति के मोबाइल से फोन कर घर पर सूचना दी.

खून से लथपथ पहुंचा घर

सोमू बचपन से ही अपने मामा के यहां रहता था. मूल रूप से छपरा के नया गांव का रहने वाला सोमू मामा ललन कुमार गुप्ता के दक्षिणी मंदिरी मुहल्ला में रहता है. शनिवार को देवी पद चौधरी शहीद स्मारक उच्च माध्यमिक विद्यालय (मिलर स्कूल) करीब साढ़े नौ बजे जा रहा था. सोमू के शरीर के कई जगहों पर ब्लेड या धारदार चीज से खरोचा हुआ था. वह जब घर पहुंचा तो कई जगह से खून निकल रहा था. स्कूल ड्रेस पर खून के काफी धब्बे थे.

सोमू ने बताया कि झोपड़ी में बंद दो लड़कों ने मिलकर खिड़की तोड़ी और मुझे वहां से भागने को कहा. पास ही एक और झोपड़ी में कुछ अपराधी पहरा दे रहे थे. उन्होंने पीछा भी किया लेकिन हम रेलवे पटरी के पास आ गये जहां ट्रेन खड़ी थी. रात करीब नौ बजे वह घर पहुंचा. उसे पीएमसीएच ले जाने के बाद करीब सवा 12 बजे रात में कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया गया. उसके मामा ने बताया कि हम गरीब लोग हैं हमसे कोई पैसे के लिए किडनैपिंग क्यों करेगा.

आशंका है कि किसी गिरोह ने उसे पकड़ लिया था जो बच्चों को बेचता होगा या फिर किडनी का व्यापार करता होगा. दूसरी ओर डीएसपी लॉ एण्ड आर्डर ललित मोहन शर्मा ने बताया कि बच्चे के बयान पर किडनैपिंग का कांड दर्ज कर लिया गया है. इसके साथ घटना तो हुई है. उस व्यक्ति का भी हम बयान लेंगे जिसके मोबाइल से इसने आरा से फोन किया था.