-बढ़ते प्राइवेटाजेशन और आउटसोर्सिग के साथ ही कई मांगों को लेकर जताया सांकेतिक विरोध

-26 सौ लोको पायलट्स एनई रेलवे में हैं कार्यरत

GORAKHPUR: रेलवे में बढ़ते प्राइवेटाजेशन और आउटसोर्सिग के साथ ही अपनी कई मांगों को लेकर लोको पाइलट्स ने सांकेतिक विरोध शुरू कर दिया है. इस सीरीज में सोमवार से रेलवे के लोको पायलट्स ने बिना खाए (उपवास रहकर) ट्रेन चलाना शुरू कर दिया है. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर इंडियन रेलवे स्तर पर लोको पायलटों का आंदोलन सोमवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ है, जो अगले दिन मंगलवार सुबह 11 बजे तक चलेगा. लोको पायलटों के आंदोलन को देखते हुए रेल एडमिनिस्ट्रेशन अलर्ट हो गया है. एनई रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल में कुल 26 सौ लोको पायलट हैं.

नहीं प्रभावित होंगे पैसेंजर्स

रेलवे में शुरू हुए इस आंदोलन की खास बात यह है कि फिलहाल इस आंदोलन का असर, पैसेंजर्स पर अभी नहीं पड़ेगा. लोको पायलट बिना खाए ट्रेन लेकर चलते रहेंगे, लेकिन अगर रास्ते में कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन की होगी. एसोसिएशन के क्षेत्रीय महामंत्री विनय शर्मा ने बताया कि रनिंग स्टाफ की मांगें काफी सालों से पेंडिंग हैं. लगातार ज्ञापन सौंपने, धरना प्रदर्शन करने के बाद भी रेलवे मंत्रालय और बोर्ड स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही. ऐसे में बाध्य होकर एसोसिएशन ने उपवास रहकर ट्रेन चलाने का फैसला किया है.

विसंगतियों को दूर करने की मांग

आंदोलन के तहत गोरखपुर हेडक्वार्टर स्थित डीजल लाबी में लोको पायलटों ने सभा की. अपने उद्बोधन में एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष जेएन शाह ने कहा कि सरकार रेलवे को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंप रही है. आउटसोर्सिग के जरिए स्टेशन और कारखानों में काम कराए जा रहे हैं. उन्होंने निगमीकरण और निजीकरण को बंद करने, माइलेज रेट आरएसी 1980 के फार्मूले के मुताबिक निर्धारित कर एक जनवरी 2016 से एरियर सहित भुगतान करने, नई पेंशन स्कीम समाप्त कर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने और एक जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त रनिंग स्टाफ की पेंशन विसंगतियों को दूर करने की मांग की. इस मौके पर शिव पूजन, विशाल कुमार, सत्य नारायण, मनीष कुमार और राम प्रताप आदि बड़ी संख्या में लोको पायलट मौजूद थे.

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मेंस कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस महिला मोर्चा व पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने सात उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण करने के विरोध में काला कपड़ा पहनकर विरोध दर्ज कराया. एंप्लाइज ने काला झंडा लेकर यांत्रिक कारखाना कार्यालय पर प्रदर्शन किया. सहसंरक्षक शिवेंद्र पांडेय ने चेतावनी दी कि निगमीकरण का आदेश वापस नहीं लिया गया, तो पूरे देश के कर्मचारी आंदोलन करेंगे. मौके पर प्रदीप श्रीवास्तव, संदीप पांडेय, विभेश सिंह, आनिल विशेन, शम्भू सिंह, विजय नाथ ठाकुर, विनय दुबे, प्रियम्बदा त्रिपाठी, कुमकुम श्रीवास्तव आदि मौजूद थे.