क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सदर हॉस्पिटल में व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. लेकिन यहां लाख कोशिशों के बावजूद व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है. कभी मरीजों को दवाएं हॉस्पिटल में नहीं मिलती तो कभी खाने में गड़बड़ी को लेकर शिकायत हो रही है. अब दो महीने से लाउंड्री के लिए मशीन लाकर इमरजेंसी गेट पर पड़ी हुई है. जिससे कि एक गेट पूरी तरह से जाम है. इसके बावजूद मशीन इंस्टालेशन को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है. वहीं अब भी मैनुअल तरीके से ही लीनेन की धुलाई कराई जा रही है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट कितना सुस्त है.

एक लीनेन पर कई दिन मरीज

हॉस्पिटल में इलाज के लिए प्रसूता महिलाएं और बच्चे काफी संख्या में पहुंचते हैं, जहां मरीजों को हर दिन साफ लीनेन दिया जाना है. लेकिन लीनेन की सफाई मैनुअली किए जाने से हर दिन साफ लीनेन नहीं मिल पाता. चूंकि धोबी लीनेन कलेक्ट कर ले जाता है. फिर धुलाई करने के बाद लाता है तब तक मरीजों को दूसरा लीनेन मिलता है. ऐसे में एक ही लीनेन पर मरीज कई दिन गुजार देते हैं. अगर मशीन को चालू करा दिया जाता तो तत्काल लीनेन की सफाई हो जाती.

शेड बना पर पार्किग चालू नहीं

कैंपस को जाम से मुक्त बनाने को लेकर पार्किग को चालू कराया जाना था. इसके लिए शेड का भी निर्माण कराया गया जिससे कि गाडि़यां बेसमेंट में जाएंगी. लेकिन शेड बने भी डेढ़ महीने से अधिक का समय बीत गया. इसके बावजूद बेसमेंट पार्किग को चालू नहीं कराया जा सका. इस वजह से अब भी कैंपस में ही गाडि़यां जहां-तहां खड़ी रहती हैं. नतीजन, जाम भी लग रहा है.

पल्ला झाड़ रहे अधिकारी

हॉस्पिटल मैनेजर अंतरा झा के ट्रांसफर के बाद नई मैनेजर ने ज्वाइन किया है. लेकिन ज्वाइनिंग के बाद से कभी भी वह रेगुलर हॉस्पिटल नहीं आ रही हैं. इस वजह से भी काम प्रभावित हो रहा है. वहीं अन्य अधिकारियों ने भी हॉस्पिटल की व्यवस्था देखने से अपना पल्ला झाड़ लिया है. इसका खामियाजा हॉस्पिटल में इलाज के लिए आने वाले मरीज भुगत रहे हैं.

वर्जन

दोनों ही चीजें एक मंथ के अंदर चालू कर दी जाएंगी. इसके बाद मरीजों और उनके परिजनों को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. इसके अलावा कैंपस भी जाम से मुक्त हो जाएगा.

डॉ. एस मंडल, डीएस, सदर

Posted By: Inextlive