- क्राइम में डिप्लोमा कर रहे तीन स्टूडेंट चढ़े पुलिस के हत्थे

- बिहार में तस्करी के दौरान पकड़ी गई थी शराब लदी लूट की गाड़ी

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LUCKNOW : बिहार में शराब तस्करी के लिए चोरी और लूट की लग्जरी गाडि़यों का यूज होता है. इसका खुलासा तब हुआ जब लखनऊ से लग्जरी गाड़ी बुक कर उसके ड्राइवर की हत्या कर गाड़ी लूटी गई. शराब तस्करी के लिए ये गाडि़यां उपलब्ध कराने वाले तीन स्टूडेंट हैं, जो कहने को तो डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन हकीकत में ये लूट और हत्या का डिप्लोमा हासिल कर चुके हैं, अगर ये कहा जाए तो गलत नहीं होगा. ये तीनों लूट की गाड़ी संग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं वहीं इनकी तीन फरार साथियों की तलाश पुलिस कर रही है. इन लोगों ने दो गाडि़यां लूटी थीं, जिनमें से एक के ड्राइवर की हत्या भी इन्होंने की थी.

इंदिरा नहर में फेंका शव

एसएसपी के मुताबिक 15 जुलाई को पॉलीटेक्निक चौराहे से बदमाशों ने फैजाबाद जाने के लिए टैक्सी ड्राइवर शुभम पांडेय की कार से बुक कराई. जिसमें कमल मिश्रा, शरद सिंह, मोनू यादव और देशराज सवार थे. बाराबंकी पहुंचने पर देवा रोड के पास इन्होंने बहाने से गाड़ी रुकवाई और ड्राइवर शुभम पांडेय की गला कसकर हत्या कर शव इंदिरा नहर में फेंका दिया.

बुक कराई थी गाड़ी

इसी गैंग ने पॉलीटेक्निक चौराहे से 26 अगस्त को बहराइच के लिये टैक्सी बुक कराने के बाद ड्राइवर को घायल कर गाड़ी लूटी थी. हालांकि गाड़ी खराब होने पर उसे ये अंबेडकर नगर के पास छोड़ कर फरार हो गए थे. पकड़े गये लुटेरे डिप्लोमा और स्नातक की पढाई कर रहे हैं.

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गाडि़यों की काफी डिमांड

पकड़े गए शातिरों के अनुसार लूटी गाडि़यों की बिहार में शराब तस्करों के बीच काफी डिमांड है. इन्होंने कई गाडि़यां इन तस्करों को बेचने की बात स्वीकारी है. एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि गाजीपुर निवासी कमल मिश्र, मिथिलेश पांडेय और बलिया निवासी देशराज सिंह को गिरफ्तार किया गया है. वहीं बलिया निवासी मनोज यादव, मोनू यादव और महाराष्ट्र निवासी शरद सिंह पाटिल की तलाश जारी है.