-गंगा किनारे लगा गंदगी और पॉलीथिन का अंबार

-घाटों की सफाई भी भगवान भरोसे, मच्छर-मक्खियों ने जमाया डेरा

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ALLAHABAD:

जी हां, मेला खत्म, लोग गए, पीछे गंदगी छोड़ गए. जहां, गंगा के घाटों पर गंदगी और पॉलिथिन व फूल-मालाओं का अंबार लगा हुआ है वहीं पानी की जगह दूर-दूर तक रेत नजर आ रही है. कुछ दिन पहले मेले के दौरान गंगा की सेवा में लगा प्रशासन अब आसपास दिखाई भी नहीं पड़ रहा है. कल्पवासियों के टेंट और पांडालों से निकली गंदगी पर मच्छर-मक्खियों ने डेरा जमा लिया है, जिसका खामियाजा आसपास रहने वालों को भुगतना पड़ रहा है.

अभी नहीं आया नरौरा का पानी

सात मार्च को महाशिवरात्रि का स्नान पर्व है और तब तक मेले का आयोजन लिखा पढ़ी में माना जाता है. बावजूद इसके गंगा में पानी का जबरदस्त अभाव नजर आ रहा है. चारों ओर पानी बिल्कुल उथला है. इस स्नान पर्व में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. गंगा की लहरें फिलहाल गायब हो चुकी हैं और इसकी जगह आजकल काली व त्रिवेणी मार्ग पर जहां गंगा के वेग से कटान हो रही थी, वहां आज रेत ही रेत नजर आ रही है. नरौरा से पानी कब छोड़ा जाएगा, इसका सटीक जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है.

इतने से नहीं चलेगा काम

जानकारी के मुताबिक प्रतिदिन एक दर्जन ट्रक कूड़ा मेला एरिया से निकल रहा है. इसके लिए अधिक संसाधन की जरूरत है. सफाईकर्मियों की पूरी 172 गैंग अभी तक नहीं लगाई जा सकी है. उनको भुगतान करने के लिए बजट का अभाव है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा संसाधनों में ही साफ-सफाई का काम चलाया जा रहा है. उम्मीद है कि जल्द ही बजट जारी होने के बाद काम को गति प्रदान कर दी जाएगी.

महा शिवरात्रि स्नान के लिए जल्द ही नरौरा से और पानी छोड़ा जाएगा. मेले के अंतिम स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के लिए पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी.

मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता, सिचाई विभाग बाढ़ प्रखंड

मेले खत्म होने के बाद साफ-सफाई के लिए बजट की मांग की गई थी. उसे शासन द्वारा किश्तों में दिया जा रहा है. सफाई का काम जारी है और जल्द ही मेले एरिया से गंदगी साफ कर दी जाएगी.

डॉ. पदमाकर सिंह, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग