लखनऊ (एएनआई) । उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और सपा मैनपुरी उम्मीदवार डिंपल यादव ने गुरुवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) प्रमुख शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, नेता और घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ-साथ मैनपुरी की जनता का आशीर्वाद भी आपके साथ है। वहीं 16 नवंबर को समाजवादी पार्टी ने मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची में शिवपाल सिंह यादव का नाम शामिल किया था, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव पार्टी की उम्मीदवार हैं।

डिंपल यादव मैनपुरी से उपचुनाव में हैं उम्मीदवार
शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और अखिलेश यादव के चाचा हैं। डिंपल यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी हैं, जिनके निर्वाचन क्षेत्र में अपने ससुर मुलायम सिंह यादव की विरासत को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाने वाली मैनपुरी सीट 10 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई थी। सूत्रों के मुताबिक बैठक इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि शिवपाल, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में सपा के टिकट पर यूपी चुनाव लड़ा था, ने पार्टी प्रमुख के साथ बाद की राजनीतिक अपरिपक्वता पर असंतोष व्यक्त करते हुए वाकयुद्ध किया था।


अखिलेश और शिवपाल में नाराजगी की खबरें
यह दूसरी बार था जब शिवपाल सिंह यादव ने अपने भतीजे अखिलेश को "राजनीतिक रूप से अपरिपक्व" कहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शिवपाल ने पत्र के बाद कहा कि बेहतर होता अगर अधिकारी उन्हें विधायक दल से हटा देते। शिवपाल ने सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और इटावा जिले में अपनी पारंपरिक जसवंत नगर सीट से जीते थे। शिवपाल सिंह यादव ने 2017 में अपने भतीजे से नाता तोड़ लिया और उसके बाद 2018 में अपनी पार्टी बनाई लेकिन 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जसवंतनगर से सपा के उम्मीदवार के रूप में लड़ा। हालांकि यह संबंध लंबे समय तक नहीं चल पाया और फिर दोनो लोग एक-दूसरे से नाराज हो गए।

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