श्रीनगर (आईएएनएस)।  जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा के पिंगलान इलाके में आज सेना आैर आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुर्इ है। पुलवामा में आज जिस जगह पर मुठभेड़ हुई वह कुछ दिनों पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के स्थान से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इस एनकाउंटर में मारे गए सात लोगों में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी भी शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया का कहना है कि मारे गए दो आतंकवादियों में से एक शीर्ष कमांडर था और इसका कनेक्शन पाकिस्तान से था।

मुठभेड़ रविवार देर रात शुरू हुई

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक पुलवामा के पिंगलान इलाके में मुठभेड़ रविवार देर रात शुरू हुई। यहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों, राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पूरे गांव को घेर लिया था। इसके अलावा गोलीबारी में मारे गए लोगों में सेना का एक मेजर, तीन अन्य सैनिक और मुश्ताक अहमद नाम का एक नागरिक शामिल है। बता दें कि बीते गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले से 41 जवान शहीद हुए।

 


जवानों की शहादत पर देश में गुस्सा

सीआरपीएफ का काफिला जैसे ही लेथपोरा से गुजरा, आतंकी ने रॉन्ग साइड से आकर अपनी गाड़ी जवानों से भरी बस से टकरा दी। इस हमले के शहीदों में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के जवान हैं। उत्तर से लेकर दक्षिण, पूरब से लेकर पश्चिम तक जवानों की शहादत पर देश में गुस्सा है। इस हमले में शहीद जवान देश के 16 राज्यों से आते हैं। शहीदों में उत्तर प्रदेश से 12 व राजस्थान से पांच, पंजाब से चार और उत्तराखंड से तीन जवान हैं।  इनके अलावा शहीद होने वालों में असम से एक, बिहार से दो, हिमाचल प्रदेश से एक, जम्मू और कश्मीर से एक आदि जवान शामिल हैं।

 

 

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