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PRAYAGRAJ: नवाबगंज थाना क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी प्रतियोगी छात्र ज्ञान प्रकाश पांडेय की हत्या लव ट्राएंगल में हुई थी. उसके प्रेमिका के आशिक ने ही सोची-समझी साजिश के तहत बुलाकर मौत के घाट उतारा. सोमवार की भोर में उसे गोली मारी गई थी. घटना के चौथे दिन ही मामले का खुलासा करते हुए नवाबगंज पुलिस ने प्रतियोगी छात्र की हत्या का न सिर्फ खुलासा किया, बल्कि हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया. मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं.

एक ही युवती से था अफेयर
गुरुवार शाम एसएसपी अतुल शर्मा ने ज्ञान प्रकाश पांडेय की हत्या में शामिल आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया. हत्या का खुलासा करते हुए एसएसपी अतुल शर्मा व एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि ज्ञान प्रकाश पांडेय के हत्या की साजिश उसकी प्रेमिका के आशिक लालगोपालगंज निवासी वसीम अकरम ने रची थी. वसीम अकरम दुबई में नौकरी करता था. घर वापस आने पर उसकी दोस्ती पड़ोसी गांव की रहने वाली युवती से हो गई.

खटक रही थी दोस्ती
वहीं युवती की नजदीकियां गांव के ही ज्ञानप्रकाश पांडेय से भी बढ़ गई. यह बात वसीम को नागवार गुजरी. युवती और अपने बीच ज्ञान प्रकाश को आता देख, वसीम ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इसके लिए उसने पड़ोस में रहने वाली ज्योति पटेल की मदद ली. ज्योति के नाम से फेसबुक पर अकाउंट बनाया और फिर ज्ञान प्रकाश को रिक्वेस्ट भेजकर दोनों में चैटिंग शुरू करा दी. ज्योति से बात कराने के लिए फर्जी आइडी पर सिम भी लिया. प्लानिंग के तहत पांच दिन पहले ज्ञानप्रकाश को ज्योति ने इब्राहिमपुर स्थित निजी स्कूल के पास भोर में मिलने के लिए बुलाया. वहां पहुंचने पर वसीम, जावेद और दिलशाद ने फाय¨रग की. गोली लगने से ज्ञान प्रकाश की मौत हो गई तो सभी फरार हो गए. पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो मुख्य अभियुक्त वसीम को शक हुआ. उसने शैलेंद्र को ज्योति के पास भेजकर मोबाइल मंगवाया और फिर तोड़कर फेंक दिया. क्राइम ब्रांच की टीम और सर्विलांस की मदद से पुलिस हत्या में शामिल आरोपियों तक पहुंची. पुलिस ने ज्ञान प्रकाश की हत्या में शामिल लालगोपालगंज की ज्योति पटेल उर्फ आफरीन, शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू व मो. दिलशाद उर्फ सनी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मुख्य आरोपी वसीम अकरम उर्फ इकराम व जावेद उर्फ सोनू अभी फरार हैं.