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LUCKNOW : बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बीजेपी शासित असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ  सिटिजंस (एनआरसी) के सोमवार को प्रकाशन के बाद 40 लाख से अधिक धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यकों की नागरिकता को लगभग खत्म कर दिया गया है। इस प्रकार केंद्र व असम में अपनी स्थापना का एक प्रमुख उद्देश्य बीजेपी एंड कंपनी ने प्राप्त कर लिया है, यह लोगों का मानना है। मंगलवार को जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि असम में बरसों से रहने के बावजूद अगर वे लोग अपनी नागरिकता के सम्बन्ध में कोई ठोस सबूत नहीं दे पाये हैं, तो इसका यह मतलब नहीं है कि उन लोगों से उनकी नागरिकता ही छीन ली जाये और उन्हें देश से बाहर निकालने का जुल्म ढाया जाये।

पूरे देश में फैलेगा उन्माद
उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित लोगों में धार्मिक अल्पसंख्यकों में ज्यादातर बंगाली मुसलमान हैं तथा भाषाई अल्पसंख्यकों में बांग्ला बोलने वाले गैर-मुस्लिम बंगाली हैं। इसीलिये बंगाल में भी इसका दुष्प्रभाव काफी ज्यादा पड़ेगा। वहीं 31 दिसंबर 2018 को अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद यह देश के लिये एक ऐसा उन्माद व सरदर्द बनकर उभरेगा, जिससे निपट पाना बहुत ही मुश्किल होगा। दरअसल बीजेपी व आरएसएस एंड कंपनी द्वारा पूरे देश में खासकर दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों व धार्मिक अल्पसंख्यकों को हर प्रकार से अपनी संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक एवं विभाजनकारी नीति का शिकार बनाने का अभियान जारी रखे हुये हैं। इससे कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश की जनता त्रस्त है। वैसे भी यूपी में दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों में खासकर मुसलमानों के खिलाफ इनका जातिवादी, धार्मिक द्वेषपूर्ण व राजनीति के साथ-साथ सरकारी मशीनरी का भी घोर दुरुपयोग करना लगातार जारी है।
 
हत्या कराने की साजिश रची थी
मायावती ने आरोप लगाया कि मेरठ में बीएसपी की मेयर के पति व पूर्व विधायक योगेश वर्मा को फर्जी मुकदमों में जेल में डाल दिया गया है। उन पर दो अप्रैल के 'भारत बन्दÓ का बीजेपी सरकार अपना सारा गुस्सा निकालना चाहती है। इसी तरह सहारनपुर में बीएसपी के विधायक महमूद अली व इनके भाई मोहम्मद इकबाल आदि को भी गैंगेस्टर एक्ट आदि में फंसाया जा रहा है। इसका बीएसपी कड़ा विरोध करती है तथा इस संबंध में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी जिला प्रशासन से मिलकर इसका विरोध भी दर्ज करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले बीजेपी व आरएसएस एंड कंपनी ने पर्दे के पीछे से 'भीम आर्मीÓ का गठन करवाया और सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में बीएसपी के सर्वोच्च नेतृत्व की हत्या करवाने की घिनौनी साजिश रची गयी।

आरोपों पर किया पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडे बसपा सुप्रीमो मायावती के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जब असम में अवैध बंग्लादेशियों की घुसपैठ का मुद्दा जनआंदोलन बना था तब मायावती का राजनीति में अता-पता भी नहीं था। कांग्रेस के साथ कदम मिलाकर वे बंग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं। दरअसल कांग्रेस के पास असम के समझौते को लागू करने की हिम्मत नहीं थी, भाजपा सरकार ने हिम्मत दिखा कर यह काम कर दिखाया। भाजपा सरकार ने न्यायालय की मंशा के अनुरूप बिना किसी तुष्टीकरण के राजनीत के उचित कदम उठाया है। असम की जनता की भावनाओं के अनुरूप और देश की सीमाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही असम सरकार व केंद्र सरकार काम कर रही है। देश में रहने वाले अल्पसंख्यकों का देशभक्ति का अपना इतिहास रहा है। बंग्लादेशी घुसपैठियों के साथ उनका नाम जोड़कर मायावती राष्ट्रभक्तों का अपमान कर रही हैं।

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